फाजिल्का के एक किसान ने विधानसभा में विधायक नरेंद्रपाल सवना के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले किसान की फसल बाढ़ से प्रभावित नहीं हुई थी। किसान ने अपने खेत में मौजूदा हालात दिखाते हुए बताया कि उसकी 7 एकड़ जमीन बाढ़ की चपेट में है और आज भी पानी जमा है। दरअसल, फाजिल्का विधायक नरिंदरपाल सवना ने विधानसभा सत्र के दौरान कहा था कि गुरदासपुर दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी से मिलने वाले फाजिल्का के किसान का बाढ़ प्रभावित इलाके से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उस किसान की फसल में पानी नहीं आया था और वह भाजपा से संबंधित है। किसाना बोला- जमीन में 5 से 6 फीट पानी भरा है इसके बाद किसान संदीप कुमार कंबोज अपने खेत पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी करीब सात एकड़ जमीन गांव मुहार खीवा के रकबे में पड़ती है, जो भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय तारबंदी के पास है। यह जमीन बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसान कंबोज के अनुसार, आज भी उनकी जमीन में 5 से 6 फीट तक बाढ़ का पानी जमा है। उन्होंने बताया कि जहां से पानी निकल गया है, वहां भी फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। विधायक के दावे के विपरीत, उनकी 7 एकड़ फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। PM मोदी ने उन्हें समस्या के समाधान का भरोसा दिया किसान ने यह भी बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी गुरदासपुर आए थे, तब वह उनसे मिले थे। उन्होंने प्रधानमंत्री से तारबंदी के उस पार एक बांध बनाने की मांग की थी, ताकि इस इलाके को हर साल बाढ़ की मार से बचाया जा सके। जिस पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी इस समस्या के समाधान का भरोसा भी दिया था। कंबोज ने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। उन्होंने विधायक द्वारा विधानसभा में उन पर तंज कसने और उनकी जमीन में पानी न आने का दावा करने को गलत बताया।
