गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष और बीजेपी नेता विजय बैंसला ने प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जनजातीय उप योजना (टीएसपी) क्षेत्र में ओबीसी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने का मुद्दा उठाते हुए सीएम भजनलाल शर्मा को चिट्टी लिखी है। विजय बैंसला ने टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस का आरक्षण नहीं मिलने को संविधान विरोधी करार देते हुए इसमें सुधार करने की मांग की है। टीएसपी क्षेत्र में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही, उदयपुर के इलाके शामिल हैं। बैंसला ने लिखा- राजस्थान के टीएसपी क्षेत्र में रहने वाले एमबीसी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लाखों युवा आज भी सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण से पूरी तरह वंचित हैं। TSP में वर्तमान आरक्षण नीति के तहत ST को 45% और SC को 5% आरक्षण मिलता है, जबकि बाकी 50% सीटें अनारक्षित रहती हैं। राजस्थान के गैर-TSP क्षेत्रों में वर्तमान में MBC 5%, OBC 21% और EWS को 10% आरक्षण मिल रहा है। यह असमानता सिर्फ TSP क्षेत्र में जन्म होने से अथवा निवास के आधार पर है। जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(1), 16(1) और 16(2) का स्पष्ट उल्लंघन है। क्षेत्रीय आधार पर नागरिकों से भेदभाव संविधान का उल्लंघन बैंसला ने लिखा- भारत का संविधान राज्य को अपने नागरिकों के साथ क्षेत्रीय आधार पर भेदभाव करने का कोई अधिकार नहीं देता। संविधान में साफ लिखा है कि “राज्य के अधीन किसी भी कार्यालय में रोजगार या नियुक्ति के मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान अवसर होंगे। केवल धर्म, जाति, लिंग, वंश, निवास आदि के आधार पर किसी को अयोग्य नहीं माना जाएगा।”
पिछड़ापन पेड़, पत्थर का नहीं होता, लोग पिछड़े होते हैं बैंसला ने लिखा- पिछड़ापन किसी पेड़, पत्थर या क्षेत्र का नहीं होता, पिछड़े वहां के लोग होते हैं। अगर TSP क्षेत्र को वास्तव में आगे बढ़ाना है तो ST, SC के साथ-साथ MBC, OBC और EWS सभी वर्गों के युवाओं को एक समान अवसर देने होंगे। ST के लिए विशेष प्रावधान संवैधानिक हैं, लेकिन इन्हें अन्य वर्गों के संवैधानिक अधिकार छीनने का आधार नहीं बनाया जा सकता। यह कोई प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि संवैधानिक अनिवार्यता है। TSP क्षेत्र की सभी भर्तियों में ओबीसी, एमबीसी , ईडब्ल्यूएस का आरक्षण लागू करें बैंसला ने लिखा- TSP क्षेत्र में सभी भर्तियों और प्रवेशों में MBC, OBC और EWS आरक्षण को गैर-TSP क्षेत्रों के समान तत्काल लागू करने के निर्देश जारी करें। यह भी सुनिश्चित कराने की कृपा करें कि कोई भी राजस्थानी नागरिक केवल TSP में रहने के कारण संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित न रहे।