संभागीय आयुक्त कार्यालय स्थित अरिहंत न​र्सिंग इंस्टीट्यूट कॉलेज में शुक्रवार रात जेसीबी से तोड़-फोड़ का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इंस्टीट्यूट पर कब्जा करने की नीयत से अंधाधुंध तोड़फोड़ की गई। इससे कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर पर बने 6 से 7 कमरों की दीवार तोड़ दी। वहां का फर्नीचर तहस-नहस कर दिया। घटना शुक्रवार रात को करीब 12:30 बजे की है। पीड़ित ने भाई पर लगाया आरोप
इस संबंध में इंस्टीट्यूट के निदेशक मयंक कोठारी ने हाथीपोल थाने में जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल के डायरेक्टर कीर्ति जैन और वहां के कर्मचारी भवभूति भट्‌ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मयंक कोठारी ने बताया कि कीर्ति जैन उनके बुआ के लड़के हैं, वे ऐसा कर सकते हैं, ये नहीं सोचा था। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इंस्टीट्यूट पर कब्जा करने की नीयत से यह तोड़फोड़ की गई। कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर पर बने 6 से 7 कमरों की दीवार तोड़ दी। फर्नीचर तहस-नहस कर दिया। कॉलेज के पड़ोसी ने इसकी सूचना इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल ईश्वर जैन को दी। प्रिंसिपल अपने दोस्त नवनीत पोरवाल और प्रफुल्ल बाफना के साथ रात को ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि भवभूति भट्‌ट 40 से 45 लोगों को लेकर जेसीबी से तोड़फोड़ करवा रहा था। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसके बाद सभी आरोपी वहां से भाग गए। भवभूति भट्‌ट बोला-कीर्ति जैन के आदेश से कर रहे हैं: मयंक कोठारी
अरिहंत नर्सिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक मयंक कोठारी ने बताया कि तोड़फोड़ की सूचना पर मैं रात को इंस्टीट्यूट पहुंचा तो करीब 40-50 लोग मिले। उनमें भवभूति भट्‌ट भी था, जो अमेरिकन हॉस्पिटल में कार्यरत है। कोठारी ने आरोप लगाया कि मैंने उनसे पूछा कि तोड़फोड़ क्यों करवा रहे हो। तो वह बोला हमारे मालिक कीर्ति जैन के आदेश हैं। मैंने उन्हें कहा कि इंस्टीट्यूट में 180 बच्चे पढ़ते हैं, उनके भविष्य का क्या होगा। लेकिन वे नहीं माने। तब हमने पुलिस बुलाई, जिसके बाद वे जेसीबी छोड़कर भाग गए। फर्स्ट ईयर की कक्षाएं चल रही
कोठारी ने कहा कि इंस्टीट्यूट में फिलहाल क्लासेज चल रही थी और फर्स्ट ईयर की एग्जाम संचालित थी। ऐसे में 6 से 7 कमरों में तोड़फोड़ होने से क्लासेज चलाने की मुश्किल हो गई है। उन्होंने बताया कि हमारी किसी से कभी कोई रंजिश नहीं थी। ये लोग गुंडो की तरह आए और बिना बताए तोड़फोड़ कर दी।