हरियाणा के अंबाला में गिरफ्तार तीन आतंकवादियों से पूछताछ में हनुमानगढ़ से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है। आईईडी पार्सल हनुमानगढ़ में रखे गए प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन आतंकियों ने आईईडी (IED) के पार्सल करीब चार से पांच दिन तक हनुमानगढ़ में रखे थे। इस सूचना के सामने आते ही हनुमानगढ़ पुलिस सतर्क हो गई है और मामले की जांच के लिए एक टीम अंबाला रवाना की गई है। कई शहरों में विस्फोट करने की योजना अंबाला में पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनकी योजना देश के कई शहरों में विस्फोट करने की थी। शुरुआती सूचना में हनुमानगढ़ का नाम भी संभावित लक्ष्यों में से एक के रूप में सामने आया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। हनुमानगढ़ नहीं पहुंचा आरडीएक्स सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने पहले आरडीएक्स हनुमानगढ़ लाने की योजना बनाई थी, लेकिन यह यहां नहीं पहुंच सका। इसके बाद उन्होंने अपनी योजना बदली और आईईडी के साथ अंबाला की ओर रवाना हो गए। इसी दौरान हरियाणा एसटीएफ ने तीनों संदिग्धों को अंबाला में गिरफ्तार कर लिया था। जांच टीम अंबाला रवाना इस खुलासे के बाद हनुमानगढ़ पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के निर्देश पर एक टीम अंबाला भेजी गई है। यह टीम वहां गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जानकारी जुटाएगी। फिलहाल, हरियाणा पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं। आतंकियों की गतिविधियों की जांच शुरू हनुमानगढ़ पुलिस भी स्थानीय स्तर पर जांच में जुट गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और साइबर सेल की मदद से आतंकियों की संभावित गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों का पकड़ा एसपी हरी शंकर ने बताया कि विस्फोटक पदार्थों की कथित आवाजाही के समय ही जिला पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को बड़ी मात्रा में हथियारों के साथ पकड़ा था। उन्होंने कहा कि उस दौरान पुलिस पूरी तरह से सक्रिय होकर काम कर रही थी। हनुमानगढ़ तस्करी का ट्रांजिट रूट दरअसल हनुमानगढ़ दो राज्यों, पंजाब और हरियाणा की सीमा से सटा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय सीमा से भी अधिक दूर नहीं है। ऐसे में यह इलाका लंबे समय से हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी का ट्रांजिट रूट माना जाता रहा है। हाल ही में पुलिस ने बस में सवार दो लोगों से बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए थे। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े स्लीपर सेल भी इलाके में सक्रिय हो सकते हैं। पुलिस अब इस पूरे एंगल से जांच कर रही है।
