राजस्थान के प्राचीन श्री मल्लीनाथ पशु मेले का तिलवाड़ा में रविवार को ध्वजारोहण के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मेला मैदान में उत्साह का माहौल दिखा। हाट-बाजार में युवाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति की झलक पेश की। कृष्ण कुमार विश्नोई किया ध्वजारोहण उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई और जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मेले के ध्वज का ध्वजारोहण किया। पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पशुपालक, व्यापारी और मेलार्थी पहुंचे हैं। राज्यमंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई रविवार दोपहर लगभग 12:15 बजे मेला परिसर पहुंचे, जहां उन्हें मार्च पास्ट की सलामी दी गई। इसके उपरांत, मेलार्थी डाक बंगले से पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोकनृत्यों के साथ शोभायात्रा लेकर मेला मैदान की ओर बढ़े। शोभायात्रा में कच्छी घोड़ी, मयूर नृत्य और ढोल-नगाड़ों की धुनें वातावरण को उत्सवमय बना रही थीं। शोभायात्रा के साथ मेला ध्वज को ध्वजारोहण स्थल तक लाया गया। यहां पंडित जोगराज दवे के मंत्रोच्चार के बीच राज्यमंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई और जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने ध्वजारोहण किया। उपस्थित ग्रामीणों और मेलार्थियों ने श्री मल्लीनाथ जी महाराज के जयकारे लगाए, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। मेला मैदान में सजे हाट-बाजार में ग्रामीण जीवन से जुड़ी वस्तुएं, हस्तशिल्प और पारंपरिक खानपान की दुकानें लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। पशुपालकों का मेले में आना शुरू पशुपालकों ने विभिन्न नस्लों के पशुओं को मेले में लाना शुरू कर दिया है, जिससे आगामी दिनों में मेले में और ज्यादा रौनक बढ़ने की उम्मीद है। मेले के दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम, पशु प्रतियोगिताएं और व्यापारिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण संस्कृति को भी नई पहचान मिलेगी।