सीकर में पुरोहितों की ढाणी रोड को 40 फीट चौड़ा करने का स्थानीय ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। आज नगर परिषद की टीम मकानों-दुकानों पर नोटिस देने पहुंची तो लोगों ने नोटिस चिपकाने और लेने से मना कर दिया। नगर परिषद के कार्मिकों ने नोटिस चिपकाने की कोशिश की तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और नगर परिषद की टीम बैरंग लौट गई। नगर परिषद की टीम पुरोहितों की ढाणी में सड़क को 40 फीट चौड़ा करने के लिए अतिक्रमण हटाने की मार्किंग कर चुकी है। सड़क को चौड़ा करने के लिए किसी दुकान-मकान को 5 फीट तोड़ने तो किसी मकान-दुकान 15-18 फीट तक तोड़ने की मार्किंग की गई है। ढाणीवासियों को कहना है कि 40 फीट तक सड़क चौड़ी होने से बड़ी संख्या में लोग बेघर हो जाएंगे और उनकी दुकानें टूटने से रोजीरोटी का नुकसान होगा। पुरोहितों की ढाणी के लोगों ने रास्ता चौड़ा करने के लिए 40 फीट की बजाय 30 फीट ही चौड़ाई बढ़ाने की मांग की है। ढाणी निवासी द्रोपदी देवी ने बताया कि ये रास्ता कॉलोनी का रास्ता है, कोई बड़ी रोड नहीं है। सड़क के दोनों तरफ मकान और दुकानें बनी हुई हैं। लोगों ने लोन लेकर निर्माण किया है। रोड की चौड़ाई 40 फीट होने पर कई मकान व दुकानें पूरी तरह से टूट जाएंगी, जिससे कई परिवार बेघर हो जाएंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रोड राष्ट्रीय राजमार्ग या राज्य राजमार्ग नहीं है। ये रोड एक रेजिडेंशियल कॉलोनी रोड के हिसाब से काम आती है। इसके साथ ही इस सड़क पर हैवी कमर्शियल ट्रैफिल, ट्रक या इंडस्ट्रियल ट्रैफिक का दबाव भी नहीं है। प्रशासन के इस सड़क को 40 फीट चौड़ाई करने से इलाके के कई परिवार के पक्के मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएंगे तो कई लोगों के आधे मकान टूट जाएंगे। ऐसे में प्रभावी परिवारों के पास अन्य कोई वैकल्पिक आवास नहीं होने से वह बेघर हो जाएंगे। इससे गरीब परिवारों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। स्थानीय सुरेंद्र शर्मा, लालचंद, संपत्ति देवी, मंजू शर्मा, द्रोपदी देवी, विमला जांगिड़, विजेंद्र और शारदा देवी का कहना है कि नगरपरिषद की कार्रवाई से वर्षों से बसे मोहल्ले का अस्तित्व भी प्रभावित होगा। मानवीय और सामाजिक दृष्टिकोण से विचार करते हुए प्रस्तावित 40 फीट सड़क को कम कर 30 फीट किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को ज्यादा नुकसान नहीं हो। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के आवास, आजीविका व सामाजिक ढांचे की भी रक्षा हो सकेगी। ये है मामला
सीकर शहर के पुलिस लाइन से राधाकिशनपुरा होते हुए जयपुर-झुंझुनू बाईपास तक सड़क को 40 फीट का किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए नगर परिषद प्रशासन ने सड़क के सेंटर पॉइंट से दोनों साइड 20-20 फीट तक अतिक्रमण हटाने की मार्किंग की है। ग्रामीणों ने सड़क चौड़ाईकरण को संशोधित कर 30 फीट ही रखने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणजन आंदोलित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जयपुर-झुंझुनूं बाइपास से जुड़ने वाली सड़क को 40 फीट की बजाय 30 फीट की जाए तो भी पर्याप्त होगी। इधर नगरपरिषद ने नोटिस नहीं लिए जाने के बाद पुलिस जाब्ते के साथ कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है।
