आरपीएससी की सहायक अभियंता (सिविल) भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाकर हाईटेक तरीके से नकल कराने के मामले में एसओजी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी परीक्षा केंद्र से भेजे गए प्रश्नपत्र की फोटो सॉल्वर से हल कराकर डमी परीक्षार्थी तक जवाब पहुंचाता था, जिससे परीक्षा में फर्जी तरीके से सफलता दिलाई जाती थी। एसओजी के एडीजी पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 21 मई 2023 को आयोजित सहायक अभियंता (सिविल) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में अनियमितता सामने आई थी। जांच के दौरान पाया गया कि मूल अभ्यर्थी इन्द्राज सिंह की जगह एक अन्य व्यक्ति ने डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि प्रवेश पत्र में फोटो बदलकर षड्यंत्रपूर्वक दूसरे व्यक्ति को परीक्षा दिलाई गई। इस संबंध में एसओजी थाने में आईपीसी और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में पहले ही मूल अभ्यर्थी इन्द्राज सिंह, सहयोगी परमेश्वर लाल और सलमान खान को गिरफ्तार कर चालान पेश किया जा चुका है। इसके अलावा डमी परीक्षार्थी गुरदीप दास (36) को 27 फरवरी को गिरफ्तार कर जेसी में भेजा गया था। डीआईजी एसओजी परीस देशमुख के निर्देशन और एसपी विजय सिंह द्वारा की गई पूछताछ में गुरदीप दास के एक अन्य सहयोगी अजीत कुमार का नाम सामने आया। इसके बाद एसओजी टीम ने 8 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि गुरदीप दास परीक्षा केंद्र में विशेष प्रकार की स्मार्ट डिवाइस लेकर जाता था और अंदर से प्रश्नपत्र की फोटो लेकर बाहर भेज देता था। बाहर मौजूद अजीत कुमार इंटरनेट और सॉल्वर की मदद से प्रश्न हल कराकर उनके जवाब वापस भेजता था, जिससे डमी परीक्षार्थी आसानी से पेपर हल कर देता था। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों ने उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, झारखंड, पंजाब, त्रिपुरा और दिल्ली सहित कई राज्यों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसी तरह स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराई। एसओजी ने इस प्रकरण में अब तक 1 मूल अभ्यर्थी, 1 डमी परीक्षार्थी, 2 मध्यस्थ और 1 सहयोगी सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य संलिप्त लोगों की तलाश और गहन जांच जारी है।
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