हनुमानगढ़. जिले में नशे की गिरफ्त में आए लोग लगातार जिंदगी गंवा रहे हैं। तम्बाकू हो या सिगरेट। कुछ पल का आनंद लोगों की जीवन तबाह कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि हनुमानगढ़ जैसे छोटे शहरों में लोग अब ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने लगे हैं। वर्ष 2025-26 की बात करें तो हनुमानगढ़ जिले में तीन जगह की गई कार्रवाई में करीब तीन दर्जन ई-सिगरेट जब्त किए गए हैं। इसी तरह वर्ष 2024-25 में 1834 मामलों में 39489 रुपए का चालान किया।तम्बाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केंद्र में 2008 मरीजों का उपचार किया गया। इसमें सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 37 लोगों ने तम्बाकू का सेवन छोड़ दिया। जबकि 2025-26 में 46 लोगों की ओर से तम्बाकू छोडऩे की बात अधिकारी कह रहे हैं। तम्बाकू व अन्य नशा छोडऩे वाले लोग अब खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। वहीं नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों की जिंदगी लगातार लाचार हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि तम्बाकू में निकोटिन, कार्बन मोनोऑक्साइड, टार समेत कई जहरीले रसायन होते हैं।लोग जब सिगरेट, बीड़ी या हुक्का पीता हंै तो यह हानिकारक तत्व फेफड़ों के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। निकोटिन नशे की लत लगाने वाला पदार्थ माना जाता है। जिससे व्यक्ति बार-बार तम्बाकू लेने को मजबूर हो जाता है। कार्बन मोनोऑक्साइड रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देता है। जिससे हृदय और अन्य अंगों पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए हमेशा से इससे बचना चाहिए।
