अमृतसर जिले में पराली जलाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला अमृतसर के मुज्जफरपुरा गांव का है, जहां कुछ किसानों ने अपने खेतों में पराली को आग लगा दी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को रोकने और समझाने की कोशिश की। प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मौजूद किसानों और प्रशासनिक टीम के बीच तीखी बहस हुई। वहीं एसडीएम संजीव कुमार ने कहा कि कथित तौर पर कुछ किसानों ने अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया। इसके अलावा, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस कर रही मामले की जांच स्थिति को बिगड़ता देख अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को इस घटना की लिखित शिकायत सौंपी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी किसानों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है। बता दें कि, पंजाब सरकार पहले ही पराली जलाने को लेकर सख्त रुख अपना चुकी है। सरकार का दावा है कि किसानों के लिए पराली प्रबंधन के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बावजूद कई किसान इसे अपनाने के बजाय पराली जलाने को ही अपनी मजबूरी बता रहे हैं। उनका कहना है कि वैकल्पिक तरीकों से खेती करना महंगा और समय-साध्य है।