पुलिस की महानिरीक्षक (कार्मिक) आईपीएस एस. परिमाला अपने दो दिवसीय दौरे के तहत झुंझुनूं पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय और विभिन्न थानों निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात आईजी ने पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा की और जिले में बढ़ रहे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए कड़े निर्देश दिए। जिले के कुछ थानों में पुलिस निरीक्षक (CI) उपलब्ध होने के बावजूद उप-निरीक्षक (SI) को थाना प्रभारी नियुक्त किए जाने के सवाल पर आईजी ने कहा कि पदों की नियुक्ति और जिम्मेदारी सौंपना एक विभागीय प्रक्रिया है। इस संबंध में उच्च स्तर पर चर्चा की जाएगी और जो भी अधिकारी नियमों के अनुसार पात्र होगा, उसे जिम्मेदारी दी जाएगी।
अपराध नियंत्रण और लंबित प्रकरणों पर मंथन आईजी एस. परिमाला ने जिला कलेक्ट्रेट स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक महत्वपूर्ण क्राइम मीटिंग ली। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय, शहर डीएसपी गोपाल सिंह ढाका, कोतवाल श्रवण नील सहित जिले के सभी थाना अधिकारी और डीएसपी मौजूद रहे। बैठक में दिए निर्देश लंबित प्रकरण: थानों में लंबे समय से अटके मामलों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। विशेष अभियान: राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति रिपोर्ट जांची गई। गैंगस्टर नेटवर्क: जिले में गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव पर आईजी ने गहरी चिंता व्यक्त की और पुलिस को अपराधियों में खौफ पैदा करने की हिदायत दी। नशा तस्करों के ‘मेन सप्लायर्स’ पर होगी स्ट्राइक आईजी परिमाला ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी जिले के युवाओं के लिए एक बड़ा खतरा बन रही है। उन्होंने कहा संगठित अपराध और नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। हमारा ध्यान केवल छोटे पैडलर्स पर नहीं, बल्कि उन मुख्य सप्लायर्स पर है जो नशे की खेप जिले में पहुंचा रहे हैं। उन्हें चिन्हित कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
थाना स्तर पर सतर्कता के निर्देश निरीक्षण के दौरान आईजी ने थानों के रिकॉर्ड, साफ-सफाई और बैरक की व्यवस्थाओं को भी देखा। उन्होंने थाना अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए ताकि पुलिस की कार्यप्रणाली में जनता का विश्वास और मजबूत हो सके।
