चंडीगढ़ के एयरफोर्स स्टेशन से भारतीय वायुसेना के जंगी जहाज मिग-21 की विदाई की उलटी गिनती शुरू हो गई है। आज 12 विंग एयरफोर्स स्टेशन में हुए फुल ड्रेस रिहर्सल की गई। इस अभ्यास के दौरान मिग-21 फाइटर जेट को वाटर कैनन सैल्यूट दिया गया, जबकि आसमान में सूर्य किरण एरोबेटिक टीम और आकाश गंगा स्काई डाइवर्स ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। जब फाइटर जेट ने उड़ान भरी तो उसकी गर्जना से पूरा शहर गूंज उठा। जांबाज स्काई डाइवर्स ने 8 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर अपने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया। अभ्यास देखकर हर किसी की आंखें इस ऐतिहासिक पल की गवाह बनीं। 26 सितंबर को आखिरी उड़ान भारतीय वायुसेना ने मिग-21 को आधिकारिक रूप से रिटायर करने का फैसला किया है। छह दशक तक वायुसेना की ताकत रहा यह फाइटर जेट 26 सितंबर को आखिरी उड़ान भरेगा। इस मौके पर यूपी के आगरा से विशेष टीम भी चंडीगढ़ पहुंचेगी। पैंथर्स स्क्वॉड्रन देगी अंतिम विदाई राजस्थान के सूरतगढ़ स्थित स्क्वॉड्रन नंबर 23 (पैंथर्स) के कमांडिंग ऑफिसर मिग-21 की अंतिम उड़ान भरेंगे। यह स्क्वॉड्रन अक्तूबर 1956 में गठित हुई थी और 1978 से मिग-21 का संचालन कर रही है। इसलिए इसी स्क्वॉड्रन के पायलट इस विमान को आखिरी सलामी देंगे। आदमपुर की स्क्वॉड्रन नंबर 28 के अफसर भी मौजूद रहेंगे, क्योंकि 1987 तक मिग-21 इस स्क्वॉड्रन का हिस्सा रहा है। एयर चीफ को सौंपा जाएगा फॉर्म-700 अंतिम उड़ान के बाद पायलट अपने अनुभव और तकनीकी रिपोर्ट ‘फॉर्म-700’ में दर्ज करेंगे। इस दस्तावेज को स्क्वॉड्रन कमांडिंग ऑफिसर एयरफोर्स चीफ को सौंपेंगे। यही फॉर्म मिग-21 के गौरवशाली इतिहास की अंतिम किताब के रूप में सहेजा जाएगा। यहां देखिए रिहर्सल की कुछ फोटो…