हॉस्पिटल की बिल्डिंग बनने के बाद उसमें मेडिकल फेसेलिटी शुरू भी नहीं हुई और उससे पहले यहां 4 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति कर दी। इस मामले में मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट के अधीन स्वास्थ्य निदेशालय में नियुक्त निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश को कारण बताओ नोटिस जारी किया। बड़ी बात ये है कि इसमें एक साथ दो साइक्रियाटिस्ट (मनोरोग) डॉक्टरों की नियुक्ति पर प्रमुख शासन सचिव ने नाराजगी जताई है। दरअसल मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से जयपुर के शिवदासपुरा में नया सैटेलाइट हॉस्पिटल बनाया गया है। इस हॉस्पिटल की बिल्डिंग बनकर ही तैयार हुई है, लेकिन उसमें अभी मेडिकल फेसेलिटी (चिकित्सा सेवाएं) शुरू नहीं हुई। लेकिन पिछले महीने 28 जनवरी को निदेशक जन स्वास्थ्य ने एक आदेश जारी कर इस सेटेलाइट हॉस्पिटल में 4 डॉक्टरों की पोस्टिंग कर दी। प्रमुख शासन सचिव ने जताई नाराजगी पिछले दिनों प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने इस सैटेलाइट हॉस्पिटल की विजिट कर बिल्डिंग का निरीक्षण किया। तब उन्हें पता चला कि यहां चार स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की पोस्टिंग हो चुकी है। सचिव ने जब पूछा कि यहां अभी मेडिकल फेसेलिटी शुरू ही नहीं हुई, तो फिर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की पोस्टिंग क्यों की गई? इन डॉक्टरों की कर दी पोस्टिंग डॉ. अशोक कुमार दादरवाल (सीनियर स्पेशलिस्ट, मेडिसिन), डॉ. चित्रा सिंह (मेडिकल ऑफिसर, मनोरोग), डॉ. संदीप छीपा (मेडिकल ऑफिसर, निश्चेतना) और डॉ. चकित शर्मा (मेडिकल ऑफिसर, मनोरोग)। इन सभी डॉक्टर्स की पोस्टिंग करने और खासकर एक ही हॉस्पिटल में दो-दो मनोरोग विशेषज्ञों की नियुक्ति पर प्रमुख शासन सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इनकी सेवाएं जहां जरूरी है वहां न लेकर दूसरी खाली जगह पोस्टिंग करना राजकोष को वित्तीय नुकसान पहुंचाना है। इससे मरीजों और आमजन को भी इनकी सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
