राज्य निर्वाचन आयोग ने आज दो अलग-अलग आदेश जारी करके वोटर लिस्ट बनवाने के काम को रुकवा दिया है। आयोग ने ये निर्णय हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में लिया है। आयोग से जारी आदेशों के मुताबिक 22 अगस्त को जो प्रदेश की सभी निकायों और पंचायतों में वोटर लिस्ट बनाने का कार्यक्रम जारी किया था उसे आगामी आदेशों तक के लिए स्थगित कर दिया है। आपको बता दें कि हाइकोर्ट की खंडपीठ में राज्य सरकार बनाम अन्य और अर्चना सुराना के मामले पर 25 अगस्त को आदेश जारी किया था। इन्हीं आदेशों को आधार मानकर आयोग ने पंचायतीराज विभाग और निकायों में तैयार की जाने वाली वोटर लिस्ट के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। एकल पीठ के फैसले को रोका था खंडपीठ ने दरअसल, हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 18 अगस्त को आदेश जारी करके सरकार को जल्द पंचायत चुनाव कराने के लिए कहा था। साथ ही सरकार के प्रशासकों को हटाने के आदेश पर भी रोक लगा दी थी। इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील की थी। जिस पर 25 अगस्त को सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एसपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी। सरकार और आयोग में टकराव की स्थिति थी हाईकोर्ट की एकलपीठ के आदेश के बाद राज्य चुनाव आयोग ने जल्द चुनाव कराने की घोषणा कर दी थी। वहीं, सरकार का कहना था कि वह वन स्टेट वन इलेक्शन के तहत एक साथ चुनाव कराने पर विचार कर रही है। इसके बाद आयोग और सरकार में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इसके चलते सरकार ने सिंगल बेंच के आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी। सरकार का कहना था कि पंचायत और निकायों में परिसीमन में समय लगा है। इसके साथ ही नए जिले बनने पर वार्डों के पुनर्गठन के चलते चुनाव कराने के लिए समय दिया जाए। अगले साल फरवरी तक खाली हो जाएंगी सभी नगरीय निकाय प्रदेश में वर्तमान में कुल 196 नगरीय निकाय हैं। इनमें नगर निगम, परिषद और पालिकाएं शामिल हैं। इनमें से 49 निकायों में बोर्ड का कार्यकाल पूरा हो चुका है और यहां प्रशासक नियुक्त हैं। वहीं, 3 निकायों में कार्यकाल अगले महीने अक्टूबर में और अन्य 3 का नवंबर में खत्म होगा। जबकि साल के आखिरी महीने दिसंबर में 50 दूसरी नगरीय निकायों का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। इसके अलावा जनवरी 2026 में 90 और फरवरी 2026 में 1 नगरीय निकाय का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। ये भी पढ़ें… पंचायत चुनाव कराने के एकलपीठ के आदेश पर रोक:हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्टे लगाया; एक साथ इलेक्शन कराना चाहती है सरकार राजस्थान में पंचायत चुनावों को लेकर हाईकोर्ट की एकलपीठ के आदेश पर डिवीजन बेंच ने रोक लगा दी है। एकलपीठ ने 18 अगस्त के आदेश में सरकार को जल्द पंचायत चुनाव कराने के लिए कहा था। साथ ही सरकार के प्रशासकों को हटाने के आदेश पर भी रोक लगा दी थी। (पूरी खबर पढ़ें)
