नमस्कार मंत्री महोदय बिना हेलमेट माता के दरबार पहुंच गए। माता रानी की कृपा है तो हेलमेट की क्या जरूरत? नियम-कायदे तो आमजन के लिए हैं। उधर, सांसद महोदया ने फायरब्रांड नेताजी का हाल-चाल क्या पूछ लिया। हर तरफ से सवाल आने लगे। एक आईएएस अधिकारी अगर प्रशासन में नहीं होते तो भी अपने सिंगिंग टैलेंट के दम पर नाम कमा ही लेते। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी पढ़िए… 1. खतरनाक रोड पर वन मंत्रीजी की बिना हेलमेट वाली राइड अलवर में माता रानी पहाड़ी पर विराजी हैं। इस बार बारिश खूब हुई। जगह-जगह से रास्ता टूटा। सिंगल रोड खतरनाक मोड़। खुशखबरी ये कि नवरात्र में मंदिर तक दोपहिया लाने की अनुमति दी गई। फिर भी पंडित महाराज ने खास चेतावनी दी। इलाके में बाघिन का बसेरा है। बाइक से आएं तो चालक हेलमेट पहनें। सावधानी रखें। रोड खराब है। वन मंत्री महोदय भी बाइक सवारों की टोली के साथ करणी माता दर्शन को निकले। खुद ने हेलमेट नहीं लगाया। जिस सवार के पीछे बैठे थे, उसने हेलमेट की स्ट्रिप को नहीं बांधा था। दूसरे सवार तो बिना हेलमेट ही चल पड़े। रास्ते में वीडियो बने। माता के भजन के साथ रील बनाकर डाली गई। मंत्रीजी ने दर्शन किए और जिस भांति गए थे, उसी भांति बाइक पर लौटे। हेलमेट लगाने और स्ट्रिप बांधने के कानून-कायदे आम जनता के लिए हैं। मंत्रीजी ने हेलमेट लगाया तो लगाया, नहीं लगाया तो नहीं लगाया। इसमें कौन सी बड़ी बात है। 2. सांसद महोदय ने हाल-चाल पूछकर गुनाह कर दिया? फायरब्रांड नेताजी हॉस्पिटल में हैं। आंसू बहाकर माथा चुमवा चुके हैं। इसके बाद तो हाल-चाल पूछने वालों की लाइन लगी है। ज्यादातर नेतागण मुख्य विपक्षी पार्टी से हैं। इसी धारा में बहते हुए भरतपुर सांसद महोदया भी हॉस्पिटल पहुंचीं। सोशल मीडिया पर फोटो भी डाल दी। फोटो देख पता नहीं क्यों पूर्व मंत्रीजी उर्फ राजा साहब के साहबजादे नाराज हो गए। उन्होंने अंग्रेजी में पोस्ट लिखी जिसका तात्पर्य कुछ इस प्रकार था- इस महिला को हर मामले में अपनी राय रखनी होती है। फोटोग्राफ के लिए कुछ भी कर सकती हैं। अब भैया राय सांसद महोदया की अपनी है। कहीं भी रखें। आपको क्या आपत्ति। आप अपने ज्वलंत मुद्दे पर ध्यान दीजिए। लेकिन नहीं। एक मैटर संभल नहीं रहा, दूसरे में टांग फंसा रहे हैं। हालांकि सांसद महोदया तक बात पहुंची तो उन्होंने सीधा सा जवाब दिया- पार्टी अपनी जगह है और इंसानियत अपनी जगह। बाकी का काम सांसद महोदया के फैंस ने कर दिया। सोशल मीडिया पर ऐसे-ऐसे जवाब दिए कि बस पूछिए मत। एक ने लिखा- रायता फैलाने के अलावा आपमें क्या योग्यता है? अब साहबजादे इसका क्या ही जवाब दें? 3. सांचौर में सड़कों के हाल पर आई हंसी सांचौर में विकास की रफ्तार काफी तेज है। इतनी तेज कि चलने वाले संभल नहीं पा रहे। धड़ाम-धड़ाम गिर रहे हैं। लगता है चिकनी सड़कों पर चलने का शऊर ही नहीं। ये वही सांचौर है, जिसे पहले जिला बनाया गया था। फिर जिले का दर्जा छीन लिया गया। हो न हो, दर्जा छीने जाने में सड़कों का महत्ती योगदान रहा होगा। सड़कों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डाल-डाल कर कई लोग तो इन्फ्लूएंसर बन चुके हैं। खूब कमाई कूट रहे हैं। एक ऐसा वीडियो भी मिला जिसमें कीचड़ में स्कूटी फंसी है। कीचड़ क्या है, किसी ने सीमेंट-बजरी ही घोलकर गड्ढों में डाल दी होगी। स्कूटी निकलने का नाम न ले। सवार परेशान। आगे खींचा, पीछे खींचा। स्कूटी के टायर अंगद का पैर बन गए। हिलाए न हिले। वीडियो बना रहे युवक की मानवता भी उसी कीचड़ में समा गई। भागकर मदद करने के बजाय उसकी हंसी छूट गई। 4. चलते-चलते… अफसरी तो चल ही रही है। टैलेंट भी खूब चला। साहब ने मंच पर गायकी का हुनर दिखा दिया। हालांकि टैलेंट दिखाना नेतागण का काम है। लेकिन कभी-कभी मंच देख अफसर भी फिसल जाते हैं। जयपुर में अनन्या के पप्पा शासन-प्रशासन का हाल गीत गा-गाकर बता रहे थे। गा रहे थे- सो गया ये जहां, सो गया आसमां। इस दौरान IAS रवि जैन के अंदर का गायक जाग उठा। उन्होंने भी माइक थामा। फिर पांडेजी के साथ जो सुर साधे। जो आलाप लिए। आवाज में जो थिरकन पैदा की कि वहां मौजूद हथेलियां आपस में टकराने लगीं। वैसे साहब का ये टैलेंट इंस्टेंट नहीं था। पहले भी गायकी का जलवा दिखा चुके हैं। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…
