चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित ‘रामाश्रय’ योजना जिले के बुजुर्गों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो रही है। जिला मुख्यालय स्थित जवाहिर हॉस्पिटल में संचालित इस योजना के तहत अब तक सैकड़ों बुजुर्गों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर लाभान्वित किया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने बताया कि अप्रैल 2025 से शुरू हुए चालू सत्र में अब तक कुल 602 वरिष्ठ नागरिकों का सफल इलाज किया गया है। इनमें 345 पुरुष और 257 महिला मरीज शामिल हैं। 602 बुजुर्गों ने पाया स्वास्थ्य लाभ डॉ. पालीवाल ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को बिना किसी परेशानी के एक ही छत के नीचे समुचित देखभाल और विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराना है। अब तक कुल 602 वरिष्ठ नागरिकों का सफल इलाज किया गया है। इनमें 345 पुरुष और 257 महिला मरीज शामिल हैं। विशेषज्ञों की टीम कर रही है देखभाल रामाश्रय वार्ड में भर्ती मरीजों की देखरेख के लिए विशेषज्ञों की एक विशेष टीम तैनात है। वार्ड प्रभारी वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. रेवता राम, डॉ. डूंगर सिंह और डॉ. रोहिताश्व गुर्जर के मार्गदर्शन में बुजुर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। वार्ड में न केवल इलाज, बल्कि बुजुर्गों की मनोवैज्ञानिक जरूरतों और उनकी सहजता का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। मरीजों और परिजनों ने जताया आभार रामगढ़ निवासी 70 वर्षीय हरकू देवी वर्तमान में इस वार्ड में इलाज करवा रहे हैं। उनके पुत्र अमर सिंह ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि रामाश्रय वार्ड में डॉक्टरों द्वारा नियमित जांच, निशुल्क दवाइयां और बेहतरीन नर्सिंग सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के लिए अलग वार्ड होने से उन्हें सामान्य भीड़भाड़ से राहत मिलती है और इलाज भी तुरंत होता है।