एसएमएस अस्पताल की पार्किंग में करोड़ों रुपए का घालमेल हुआ है। इसके लिए पार्किंग इंचार्ज और आरएमआरएस (राजस्थान मेडिल रिलीफ सोसायटी) के कैशियर को जिम्मेदार माना है। एसएमएस प्रशासन ने मामले में फंड की करोड़ों रुपए की गड़बड़ी पकड़ने और जांच के लिए एसओजी और एसीबी को जांच के लिए अनुशंसा की है। जांच को लेकर गठित कमेटी की रिपोर्ट में सामने आया है कि एसएमएस अस्पताल की पार्किंग को अनाधिकृत रूप से चलाया जा रहा थ। 5 सदस्यीय कमेटी ने अस्पताल प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी है। गौरतलब है कि अस्पताल की पार्किंग का ठेका खत्म होने के बाद ठेकेदार हाईकोर्ट में चला गया और स्टे ले आया। एसएमएस की ओर से बाद में अपील के बाद इसे खारिज कर दिया। 30 दिसम्बर 2024 को एसएमएस की ओर से पार्किंग चलाने के लिए एसओपी बनाई। इसके लिए डॉ. बीपी मीणा को इंचार्ज बनाया गया, लेकिन इंचार्ज ने एसओपी के किसी भी नियम को नहीं माना और नतीजतन पार्किंग के पूरे मामले में गड़बड़ी चलती रही। करीब एक साल तक पार्किंग में अवैध वसूली होती रही और बाद में दैनिक भास्कर की ओर से मामला उजागर करने के बाद प्रशासन की ओर से जांच कमेटी गठित की गई। अधीक्षक को पत्र की बात कही, अधीक्षक को पत्र ही नहीं मिले इंचार्ज डॉ. बीपी मीणा से सवाल किए गए तो बताया कि अलग से डिस्पेच लेटर बनवाए थे, अधीक्षक को भी लिखा था। अधीक्षक ने लेटर मिलने से इनकार किया। सवाल यह है कि आखिर डॉ. मीणा ने अलग डिस्पेच लेटर क्यों बनवाए। कमेटी की रिपोर्ट; खुद की पर्ची बनाकर करते रहे वसूली