अब पीक आवर्स (सुबह व शाम) में कम उपभोग करने वालों को सस्ती बिजली मिलेगी। इसके लिए राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (आरईआरसी) ने डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी/डिमांड साइड मैनेजमेंट रेगुलेशन-2026 बना रहा है। यह लागू होने के बाद पीक आवर व ज्यादा डिमांड पर बिजली कम खर्च करने वालों को इंसेंटिव मिलेगा। यानी सस्ती बिजली दी जाएगी। आयोग ने संस्थाओं, आम लोगों व संगठनों से 27 फरवरी तक रेगुलेशन के ड्राफ्ट पर सुझाव व आपत्ति मांगी है। डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी व डिमांड साइड मैनेजमेंट रेगुलेशन को लागू करने के लिए डिस्म्सकॉम को अलग से डीएसएम सेल बना कर चीफ इंजीनियर लगाना होगा। विद्युत विनियामक आयोग ने पहली बार स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए रेगुलेशन का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसके बाद डिस्कॉम को इसी वित्तीय सत्र में इसे लागू करना होगा। बिजली खरीद का बदलेगा पैटर्न : इस रेगुलेशन का उद्देश्य उपभोक्ता को बिजली खपत के पैटर्न को बदलने के लिए प्रेरित करना और इंसेंटिव देना है। जब दिन के समय सोलर जेनरेशन आदि से बिजली की उपलब्धता ज्यादा होती है तो उपभोक्ता अपनी पूरी डिमांड लोड के अनुसार बिजली का उपभोग करे। जब शाम के पीक समय में बिजली की खपत को कम करे। महंगी बिजली नहीं खरीदनी होगी सुबह 7 से 10 बजे और रात 7 से 11 बजे तक बिजली की डिमांड ज्यादा रहती है। ऐसे में ऊर्जा विकास निगम 10 रु. प्रति यूनिट तक बिजली खरीदता है, जो दुगनी से ज्यादा रेट होती है। इससे डिस्कॉम्स का घाटा बढ़ता है। डिमांड साइड मैनेजमेंट रेगुलेशन के बाद उपभोक्ता ही लोड कम कर लेगा, ताकि इंसेंटिव मिले। ऐसे में महंगी बिजली नहीं खरीदनी पड़ेगी।

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