राजस्थान के नागौर में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले पकड़ी गई 10 टन विस्फोटक सामग्री को लेकर गृह मंत्रालय अलर्ट हो गया है। सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीमें नागौर पहुंचीं और जांच शुरू की। इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने नागौर के हरसौर गांव में घटना स्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। साथ ही टीम ने सबूत जुटाए। गिरफ्तार आरोपी सुलेमान खान (58) के फार्म हाउस में भी बारीकी से जांच की। टीम को मिले इनपुट के आधार पर मामले में बड़े नेटवर्क और साजिश की आशंका है। 187 कट्टों में मिला थआ 9,550KG अमोनियम नाइट्रेट
दरअसल, हरसौर गांव में पुलिस ने शनिवार को एक खेत से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। यहां 187 कट्टों (बोरियों) में 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट रखा मिला था। इसके बाद सुलेमान खान को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ से पहले तबीयत बिगड़ी, हॉस्पिटल में भर्ती
उधर, इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी आरोपी सुलेमान से पूछताछ करते, उससे पहले ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। थांवला थानाधिकारी अशोक कुमार झाझड़िया ने बताया- आरोपी की तबीयत खराब होने पर उसे थांवला अस्पताल में दिखाया गया था, जहां से उसे अजमेर रेफर कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में ब्लड प्रेशर (BP) हाई होना बताया गया था। पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को जेएलएन अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसका इलाज जारी है। मामले की सूचना मिलने के बाद सीआईडी की टीम भी अस्पताल पहुंच गई। 9550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट मिला था
नागौर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया- सुलेमान के पास से करीब 9550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है, जिसे 187 कट्टों में भरकर रखा गया था। ​बरामद किए गए सामान में अमोनियम नाइट्रेट के अलावा भारी मात्रा में डेटोनेटर और फ्यूज वायर भी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से 9 कार्टन डेटोनेटर, 12 कार्टन और 15 बंडल नीली बत्ती वायर, 12 कार्टन और 5 बंडल लाल बत्ती वायर जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मैगजीन संचालक से बना ‘बारूद किंग’, 3 थानों में केस
पुलिस के अनुसार- आरोपी पहले लीगल विस्फोटक मैगजीन के संचालन का काम करता था। उसे बारूद बनाने, स्टोर करने और सप्लाई करने की पूरी तकनीकी जानकारी थी। लाइसेंस खत्म होने या अन्य कारणों से काम बंद होने के बाद उसने खुद ही अवैध तरीके से बारूद बनाकर बेचना शुरू कर दिया। सुलेमान पर पहले भी 2014 में थांवला, 2020 में पादूकलां और 2020 में ही अलवर के चौपासनी थाने में विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज हो चुके हैं। आरोपी का मुख्य अड्डा भैरुंदा और हरसौर के बीच जंगली क्षेत्र में है। यहां से वह रात के अंधेरे में खनन माफियाओं को विस्फोटक सामग्री पहुंचाता था। ————– मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में 26 जनवरी से पहले 9500kg विस्फोटक पकड़ा:अमोनियम नाइट्रेट खेत में रखा था, 1 अरेस्ट; दिल्ली ब्लास्ट में इसी का इस्तेमाल हुआ था राजस्थान के नागौर में पुलिस ने 26 जनवरी से पहले एक खेत से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। थांवला थाना इलाके के हरसौर गांव में शनिवार रात पुलिस ने दबिश दी। यहां 187 कट्टों (बोरियों) में 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट रखा मिला। नागौर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि मौके से सुलेमान खान (50) को गिरफ्तार किया गया है। वह हरसौर का रहने वाला है और उस पर पहले से 3 केस दर्ज हैं।(पूरी खबर पढ़ें)

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