जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में शुक्रवार शाम करीब 4 बजे उस पटाखा फैक्ट्री में दोबारा आग लग गई, जहां 8 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हो गई थी। पिछले हादसे के बाद प्रशासन ने इस फैक्ट्री को पूरी तरह से सील कर दिया था। फैक्ट्री के अंदर किसी के न होने के कारण इस बार कोई जनहानि नहीं हुई। फैक्ट्री मकान नंबर- 88 करीम नगर-बी में रिहायशी इलाके में है। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहले से ही तैनात थी। जैसे ही फैक्ट्री से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं, दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। हालांकि, सील बंद फैक्ट्री के भीतर दोबारा धुआं उठने और आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। अब देखिए, हादसे से जुड़ी PHOTOS… इलाके में मची अफरा-तफरी फैक्ट्री से अचानक धुएं का गुबार उठता देख आसपास के इलाके में एक बार फिर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस और दमकलकर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभाला और सुरक्षा के लिहाज से लोगों को फैक्ट्री से सुरक्षित दूरी पर रोका। मलबे की कूलिंग के दौरान उठा धुआं स्थानीय लोगों का कहना है कि दमकल की गाड़ियां फैक्ट्री में मलबे को हटाने और कूलिंग के काम के लिए आई थीं, इसी दौरान मलबे के नीचे से अचानक धुआं उठने लगा। हालांकि, दमकलकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए फैक्ट्री में बचे-खुचे पटाखों और केमिकल पर फोम का छिड़काव किया।’ सर्च अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा खोह नागोरियान के करीम नगर और आसपास के इलाकों में लगातार दूसरे दिन भी सर्च अभियान जारी रहा। अभियान के दौरान मकानों, गोदामों, खाली प्लॉटों और संदिग्ध परिसरों की जांच की जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्षेत्र में और कहीं अवैध रूप से पटाखों का भंडारण या निर्माण तो नहीं किया जा रहा। इसके साथ ही उन लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है जो गोदामों और किराए के मकानों का संचालन कर रहे हैं। आरोपी कय्यूम ने क्षेत्र में कई प्लॉट ले रखे हैं। इनमें से कुछ स्थानों का उपयोग कबाड़ के गोदाम और पटाखा फैक्ट्री के रूप में किया जा रहा था। ड्रोन से रखी जा रही नजर करीम नगर तलाई में पुलिस ने आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया है। पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही है। ड्रोन की मदद से उन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है जहां सामान्य तौर पर पहुंचना मुश्किल है या जहां संदिग्ध गतिविधियों की आशंका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन सर्विलांस के जरिए खाली प्लॉट, बंद मकान, गोदाम और अन्य परिसरों पर नजर रखी जा रही है। सटीक नहीं मिल रही जानकारी सर्च अभियान के दौरान पुलिस को स्थानीय लोगों के सहयोग की कमी भी खल रही है। पुलिसकर्मी क्षेत्र में रहने वाले लोगों से किराएदारों, गोदाम संचालकों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं, लेकिन कई लोग स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं। दो और फैक्ट्रियां मिलने से बढ़ी चिंता करीम नगर तलाई हादसे के बाद लगातार सामने आ रहे खुलासों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब तक दो और स्थानों पर अवैध पटाखा फैक्ट्रियों का पता चलना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर खतरनाक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। फरार आरोपियों की तलाश तेज हादसे के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों और शहरों में दबिश दे रही हैं। जांच एजेंसियों के निशाने पर दिल्ली निवासी फिरोज के साथ-साथ करीम नगर निवासी कय्यूम और याकूब हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी से पूरे मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि अवैध पटाखा फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर इतने बड़े स्तर पर विस्फोटक सामग्री का भंडारण कैसे किया जा रहा था — यह खबर भी पढ़िए… जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह 11 बजे भीषण आग लग गई। अग्निकांड में एक बच्चे, दो भाइयों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। पटाखा फैक्ट्री मकान नंबर- 88 करीम नगर-बी में रिहायशी इलाके में चल रही थी। मकान याकूब पुत्र नजीर खान निवासी- राक्ष्या की ढाणी खोह नागोरियान का है। पढ़ें पूरी खबर