आसाराम ने अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में दायर अपनी अर्जी को वापस ले लिया है। सूरत की युवती से रेप के मामले में गांधीनगर सेशंस कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वहीं, राजस्थान में रेप मामले में वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। बता दें कि आसाराम ने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया था। गुजरात हाईकोर्ट ने 15 जून तक बढ़ाई थी अंतरिम जमानत गुजरात हाईकोर्ट ने सूरत रेप केस में आसाराम की अंतरिम जमानत को 15 जून तक बढ़ाया था। इसके बाद आसाराम ने मेडिकल आधार पर अपनी अंतरिम जमानत बढ़ाने के लिए आवेदन किया था, जिसे अब वापस ले लिया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा को ठहराया आसाराम ने रेप मामले में मिली आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में भी अपील की थी। इस अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को आसाराम की सजा को उचित ठहराया था, जिसके बाद उसने जोधपुर जेल में सरेंडर किया था। सरकारी वकील ने आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने का विरोध करते हुए कहा था कि राजस्थान हाईकोर्ट में उसकी अपील पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। इसलिए आसाराम की अंतरिम जमानत की अवधि को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। तीन दिन पहले खाने के साथ अल्कलाइन पानी भी देने के दिए थे आदेश इससे पूर्व आसाराम को जेल में खाने के साथ अल्कलाइन पानी भी देने का आदेश दिया गया था। दरअसल, आसाराम ने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया था। इसके बाद से जेल प्रशासन ने आसाराम को जेल में पहले मिलने वाली सुविधाओं को बंद कर दिया था। इसको लेकर आसाराम की ओर से एक याचिका लगाई गई थी। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को जेल में उपलब्ध कराई जा रही विशेष चिकित्सा एवं सहायक सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश में कहा था- ‘किसी कैदी की उम्र और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें केवल इसलिए समाप्त नहीं हो जातीं क्योंकि उसके खिलाफ अपील का निस्तारण हो चुका है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त आसाराम को पूर्व में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा प्रदान की गई सुविधाएं आगे भी जारी रखी जाएं ताकि उसकी चिकित्सा जरूरतों और मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।’ जस्टिस संजीत पुरोहित की एकलपीठ ने आसाराम की ओर से दायर आपराधिक रिट याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया था। ये खबर भी पढ़िए… ‘भूत का साया’ क्या था, शिल्पी-शरत को क्यों बरी किया:आसाराम की सजा बरकरार, 16 सवालों से जानिए हाईकोर्ट का फैसला हाईकोर्ट का फैसला-आसाराम को करना होगा सरेंडर, सजा बरकरार:नाबालिग से यौन उत्पीड़न केस में 2 आरोपी बरी, करीब एक महीने बाद सुनाया डिसीजन
