फाइनेंस कंपनी द्वारा जब्त ट्रैक्टर को छुड़वाने के लिए पैसे नहीं थे तो लूट के इरादे से चचेरे देवर-देवरानी ने मिलकर भाभी-भतीजी की हत्या कर दी। प्रतापगढ़ पुलिस ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए देवर-देवरानी को गिरफ्तार किया है। मामला देवगढ़ थाना क्षेत्र के भोपा खेड़ा पाल गांव का है। घटना के समय मां-बेटी ही घर पर मौजूद थी। पति मजदूरी करने के लिए राजसमंद गया हुआ था, वहीं एक बेटी पड़ोस के गांव में शादी में शामिल होने गई थी। सुबह वह जब वापस लौटी तो घटना का पता चला।
घर के बाहर सो रही थी मां-बेटी प्रतापगढ़ एसपी बी आदित्य ने शुक्रवार को बताया-28 मई की रात 12 बजे बाद पाल भोपा खेड़ा गांव में घर के बाहर सो रही मानकी मीणा पत्नी केसिया मीणा और उसकी बेटी कला मीणा की धारदार हथियार से हमला किया गया था। हमले में बेटी की मौके पर ही वहीं, मां ने दो दिन बाद इलाज के दौरान उदयपुर में दम तोड़ दिया था। पुलिस को ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान पता चला कि महिला के पति केसिया मीणा का 3 महीने पहले उसके चचेरे भाई बाबूलाल मीणा और उसकी पत्नी गेंदाबाई के साथ विवाद हुआ था। पुलिस ने शक के आधार पर अन्य जानकारियां भी जुटाई। शक होने पर पति-पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने हत्या करना कबूल कर लिया। गहने गिरवी रखकर लिया था ट्रैक्टर पूछताछ में बाबूलाल ने बताया- इसी साल होली के 10-15 दिन बाद उसने पत्नी गेंदा बाई के चांदी के गहने गिरवी रखकर 50 हजार नकद जमा करवाए और शोरूम से सेकेंड हैंड ट्रैक्टर खरीदा था। 2.5 लाख रुपए का फाइनेंस करवाया था। लेकिन किस्त जमा नहीं होने के कारण फाइनेंस कंपनी ट्रैक्टर को जब्त कर ले गई थी। ट्रैक्टर को छुड़वाने के लिए उसने रिश्तेदारों और आस पड़ोस के लोगों से रुपए भी मांगे, लेकिन किसी ने नहीं दिए। 28 मई को बाबूलाल ने पैसों की व्यवस्था नहीं होने की बात पत्नी गेंदाबाई को बताया। अपने 50 हजार रुपए डूब जाने के डर से पति-पत्नी ने भाभी के घर लूट की योजना बनाई। पति-पत्नी को भाभी मानकी के पास चांदी के गहने होने की जानकारी थी। साथ ही मानकी का पति भी मजदूरी करने राजसमंद गया हुआ था। कुल्हाड़ी और छुरी से वार किए योजना के अनुसार पति-पत्नी रात 12 बजे के बाद छुरी और एक छोटी कुल्हाड़ी लेकर मानकी के घर के पास पहुंच गए। मानकी और उसकी बेटी कला दोनों ही झोपड़ी के बाहर एक ही एक चारपाई पर सोए हुए थे।
जब दोनों को पक्का विश्वास हो गया कि मां-बेटी सो रही है, तो वे अंदर आए और छुरी और कुल्हाड़ी से मां-बेटी पर हमला कर दिया। हमले के बाद दोनों को मरा हुआ समझकर झोपड़ी के अंदर गए और पैसे निकाल लिए। साथ ही मानकी के पहने हुए जेवरात भी उतार लिए और अपने घर आ गए। किसी को शक नहीं हो इसके लिए पति-पत्नी रोजाना की तरह अपने घर का कामकाज करने लगे। जब गांव के सभी लोग घटनास्थल पर पहुंचे तो यह भी लोगों के साथ वहां मौजूद थे। लूट के चांदी के गहने आरोपियों ने एक सुनार को बेच दी। जो पैसे मिले वे कंपनी को दे दिए। फिलहाल पुलिस हथियार और लूटी गई रकम को बरामद करने का प्रयास कर रही है।