जयपुर के पृथ्वीराज नगर साउथ में हाई टेंशन लाइन के नीचे बसे लोगों की जानकारी राजस्थान हाईकोर्ट ने मांगी है। कोर्ट ने जेडीए से कहा है कि वह बसावट से संबंधित फोटोग्राफ्स, रिहायशी मकान और व्यावसायिक दुकानों की जानकारी शपथ पत्र के साथ पेश करें। इसके साथ ही अदालत ने जेडीए के जोन 18 और 19 में पिछले 10 साल में पोस्टेड रहे प्रवर्तन अधिकारी (ईओ) के नाम की लिस्ट भी पेश करने के लिए कहा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने यह आदेश साहब सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। मौके पर मुख्य सड़क पर अतिक्रमण जनहित याचिका में कहा गया था कि हाई टेंशन लाइन के नीचे सड़क की चौड़ाई 105 और 120 फीट होनी चाहिए। लेकिन पृथ्वीराज नगर साउथ के गजसिंहपुरा में बसी कॉलोनी में मौके पर 60 फीट रोड ही बची है। ऐसे में यहां से अतिक्रमण हटाया जाए। वहीं रिहायशी इलाकों में हो रही व्यावसायिक गतिविधियों को भी रोका जाए। जेडीए ने 300 मकानों-दुकानों को दिए नोटिस हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर होने के बाद जेडीए अभी तक इस क्षेत्र में करीब 300 मकान और दुकानों को नोटिस जारी कर चुका है। जेडीए ने हाईकोर्ट में जानकारी दी थी कि इस क्षेत्र में करीब 800 मकान और 200 दुकानें संचालित हो रही है। इसके बाद हाईकोर्ट ने जेडीए से इस पूरे मामले में विस्तृत ब्यौरा मांगा है। 40 साल से बसी है कालोनियां पृथ्वीराज नगर जैन विकास समिति के अध्यक्ष अनिल माथुर ने बताया कि हमने हाईकोर्ट में पक्षकार बनने के लिए प्रार्थना पत्र दायर कर दिया है। वहीं जेडीए के नोटिस के खिलाफ हमने जेडीए ट्रिब्यूनल में भी याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि जनहित याचिका में जिन मकानों दुकानों को अवैध रूप से अतिक्रमण करना बताया गया है। वह कालोनियां करीब 40 साल पुरानी बसी हुई है। उन्होंने कहा साल 2015 से पहले हाईटेंशन लाइन के नीचे 60 फीट रोड का ही नियम था। लेकिन 2015 के बाद 105 और 120 फीट सड़क को जरूरी बनाया गया है। ऐसे में कोई भी नियम भूतकाल से लागू नहीं किया जा सकता है, हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा है।
