राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने आज(गुरुवार) राज्यसभा में सीकर समेत शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल की कमी का मुद्दा उठाया। सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि शेखावाटी में पीने और सिंचाई के पानी की समस्या बढ़ गई है। भारत सरकार और राजस्थान सरकार ने मिलकर इंदिरा गांधी नहर परियोजना से जोड़कर कुंभाराम लिफ्ट योजना बनाई थी। जिसके तहत सीकर और झुंझुनूं जिले में विशेष रूप से सीकर शहर में पेयजल देने की घोषणा की गई। कुंभाराम लिफ्ट परियोजना का पूरा किया जाए काम राज्यसभा सदस्य तिवाड़ी ने कहा कि सीकर-झुंझुनूं को शामिल करते हुए डीपीआर भी बन गई और जमीन का अधिग्रहण भी हो गया। फिलहाल यह योजना भारत सरकार के पास विचाराधीन है। केंद्र सरकार से मांग है कि कुंभाराम लिफ्ट परियोजना का काम पूरा किया जाए, ताकि लोगों को पीने का पानी मिल सके। तिवाड़ी ने कहा कि सबसे ज्यादा सेना के जवान शेखावाटी के हैं और कारगिल युद्ध में सबसे ज्यादा शहीद भी शेखावाटी के हुए थे। हर गांव में शहीदों की प्रतिमाएं लगी हुई हैं। देश के नामी उद्योगपति शेखावाटी के हैं। राजस्थान के सबसे ज्यादा धार्मिक पर्यटक शेखावाटी आते हैं क्योंकि यहां सीकर में खाटूश्यामजी, जीणमाता, शाकंभरी देवी और रैवासा धाम, झुंझुनूं में राणी शक्ति माता और लोहार्गल धाम तथा चूरू में सालासर बालाजी का मंदिर है। इसके बावजूद पीने के पानी की कमी के चलते आज यहां के लोग पलायन करने को मजबूर हैं। 60000 करोड़ की कुंभाराम लिफ्ट पेयजल परियोजना का जल्द हो शुरू उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने शेखावाटी के लिए यमुना जल परियोजना का जो समझौता किया है, उसके लिए आभारी हैं। केंद्र सरकार से मांग है कि सीकर शहर में पेयजल की समस्या देखते हुए सीकर शहर और उसके आसपास के 864 गांव के लिए 60000 करोड़ की कुंभाराम लिफ्ट पेयजल परियोजना का काम जल्द शुरू किया जाए।
