IPL में राजस्थान रॉयल्स के स्टार खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने कहा- टीम की जीत सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर मैं 100 की बजाय 80 रन बनाकर भी टीम को मैच जिता दूं तो ये मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। वैभव ने बताया- मैच और प्रैक्टिस के दबाव के बीच मैं कार्टून देखता हूं। घर का खाना पसंद करने वाले वैभव की चीट मील में आइसक्रीम फेवरेट है। उन्होंने कहा-जिन खिलाड़ियों को टीवी पर देखकर बड़ा हुआ, वो खिलाड़ी आज मुझे मैसेज करते हैं। यह मेरे लिए खुशी का पल होता है। पिता से हर बात साझा करने वाले वैभव का कहना है कि जीवन में मेहनत और पेशेंस बहुत जरूरी है। सही समय पर आपको रिजल्ट जरूर मिलेगा। राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने हॉट स्टार से बातचीत में ये बातें कहीं। पढ़िए- युवा क्रिकेटर ने क्या कहा- शतक से ज्यादा टीम की जीत जरूरी वैभव ने कहा- बचपन से पिता ने सिखाया कि क्रिकेट एक टीम गेम है। व्यक्तिगत रन तभी मायने रखते हैं, जब टीम को जीत मिले। मेरे पिता हमेशा कहते थे कि तुम 100, 200 या 300 रन बना लो लेकिन अगर टीम नहीं जीत रही तो, उन रनों का कोई मतलब नहीं है। अगर मैं 100 की जगह 80 रन बनाकर टीम को जीत दिला पा रहा हूं तो मेरे लिए वही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा- टीम की जीत से न सिर्फ टीम को फायदा मिलता है। बल्कि खिलाड़ी को लगातार मौके भी मिलते हैं, जिससे वह अपने खेल में और सुधार कर सकता है। वैभव ने माना कि वह हर मैच में टीम के लिए योगदान देने की कोशिश करते हैं और यही सोच उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। वैभव ने कहा कि शतक से ज्यादा टीम की जीत मायने रखती है। अगर वह 100 की बजाय 80 रन बनाकर टीम को मैच जिता दें तो वही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। खुद को रिलेक्स करने के लिए कार्टून देखते है सूर्यवंशी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि क्रिकेट के दबाव से बाहर निकलने और खुद को रिलेक्स करने के लिए कार्टून देखना पसंद है। दो-तीन साल पहले जब घर पर रहता था। तब मैच खेलने या प्रैक्टिस के बाद खाली समय में टीवी पर कार्टून देखा करता था। आज भी जब मुझे रिलेक्स होना होता है या मन शांत करना होता है तो कार्टून देखना पसंद करता हूं। अब जब भी कार्टून देखता हूं तो घर की याद भी आती है। क्रिकेट की भागदौड़ के बीच कार्टून देखना मानसिक रूप से काफी सुकून देता है। वैभव ने कहा-जिन खिलाड़ियों को बचपन में टीवी पर देखकर बड़े हुए। आज वही खिलाड़ी मैसेज करते हैं। मेरे लिए बेहद गर्व और खुशी का पल होता है। पिता ने मेरे लिए बहुत त्याग किया वैभव ने कहा-आज भी अपनी हर बात सबसे पहले अपने पिता के साथ साझा करता हूं। मेरे पिता ने मेरे लिए बहुत त्याग किया है। उन्होंने मेरे करियर के लिए काफी कुछ सैक्रिफाइस किया, जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता। मैं अपनी हर बात उनसे शेयर करता हूं। अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत के बाद आराम नहीं किया अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी वैभव ने आराम नहीं किया। वर्ल्ड कप से लौटते ही फिर से प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। इस पर वैभव ने कहा- मैं एक दिन से ज्यादा क्रिकेट से दूर नहीं रह सकता। बचपन से इतनी प्रैक्टिस की है कि अब क्रिकेट से दूरी अजीब लगती है। पिता भी चाहते थे कि लगातार प्रैक्टिस जारी रखूं, क्योंकि जल्द ही इंडियन प्रीमियर लीग शुरू होने वाली थी। उनका सपना सिर्फ आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करना नहीं बल्कि, लंबे समय तक टीम इंडिया के लिए खेलना और देश का प्रतिनिधित्व करना है। घर का खाना पसंद, चीट मील में आइसक्रीम फेवरेट खाने को लेकर वैभव ने कहा- घर का बना सादा खाना सबसे ज्यादा पसंद है। हालांकि चीट मील में मैं आइसक्रीम खाना पसंद करता हूं। आज भी मौका मिलता है, आइसक्रीम जरूर खाता हूं। बच्चों को दी खास सलाह कम उम्र के खिलाड़ियों और बच्चों को सलाह देते हुए वैभव ने कहा- जिंदगी में हर चीज स्टेप बाय स्टेप हासिल होती है। सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, आप चाहे कोई भी स्पोर्ट्स खेल रहे हों या पढ़ाई कर रहे हों, मेहनत और पेशेंस बहुत जरूरी है। धीरे-धीरे सही समय पर आपको रिजल्ट जरूर मिलेगा।