अलवर शहर में तीन नकाबपोश बदमाशों ने जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश (50) के परिवार को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। प्रदेश के वन राज्य मंत्री संजय शर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। मंत्री से बात करते हुए पीड़ित असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश का दर्द और खौफ छलक उठा। उन्होंने कहा, “हम सब अभी तक इतने डरे हुए हैं कि बाथरूम जाने में भी डर लग रहा है। डर के मारे बेटा-बेटी स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। बदमाशों ने हमें जान से मारने की धमकी दी थी।” बता दे कि असिस्टेंट कमिश्नर का शहर की पॉश यूआईटी कॉलोनी शालीमार योजना में घर है। वहीं पुलिस आरोपियों तक पहुंच चुक है। वारदात के दौरान बदमाशों की ‘अजीब हरकतें’ पीड़ित परिवार ने मंत्री संजय शर्मा को बदमाशों की उन हरकतों के बारे में बताया, जो उन्होंने बंधक बनाने के दौरान की। बदमाशों ने घर को बंधक बनाने के बाद आराम से किचन में जाकर आम खाए। बदमाशों ने असिस्टेंट कमिश्नर से चाय बनाने को भी कहा था। वारदात के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर की पत्नी उर्मिला का डर के मारे गला सूखने लगा, तो बदमाशों ने उन्हें पानी लाकर दिया लेकिन खौफ के कारण वह पानी नहीं पी सकीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि 20 लाख के जेवर लूटने के बाद जाते-जाते बदमाश घर के मंदिर के सामने हाथ जोड़कर निकले। बहादुर बेटा: बदमाशों से भिड़ गया था प्रिंस मुलाकात के दौरान मंत्री संजय शर्मा ने असिस्टेंट कमिश्नर के बेटे की पीठ थपथपाई। मंत्री ने कहा, “यह बहादुर बेटा है।” दरअसल, वारदात के दौरान बच्चे ने अकेले ही बदमाशों से लोहा लेने की कोशिश की थी। इसी कशमकश में बदमाशों ने उसके सिर पर बल्ले (बेट) से हमला कर दिया था, जिससे वह लहूलुहान हो गया था। जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के घर लूट:परिवार को डेढ़ घंटे तक बंधक बनाया, बचाने आए बेटे का सिर फोड़ा; बदमाशों ने आम भी खाए