जोधपुर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा- छात्रसंघ को लोकतंत्र की फुलवारी कहते हैं। इसे सींचने वाले ओम माथुर यहां बैठे हैं। यहां कई तरह के पुष्प बैठे हैं। कुछ मेरी तरह पूर्व हो गए और कुछ सतीश पूनिया जैसे अभूतपूर्व हो गए। कुछ बाबू सिंह जैसे पूरे खिल गए। कुछ अरविंद सिंह जैसे कल खिलेंगे। इस पर सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा- राजेंद्र रठौड़ हमारे यहां पुष्प खिलते ही रहते हैं। मैं तो उस पहाड़ी से हूं, जहां पत्थर पर भी पुष्प खिल जाते हैं। इसलिए राजेंद्र राठौड़ जी आप तो उस दुविधा से दूर हो जाएं, ये तो खिलते रहेंगे। ओम माथुर ने कहा- लगातार राजनीति में रहने के बाद, उतार-चढ़ाव देखना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, उतार-चढ़ाव आने से ही व्यक्ति सक्षम बन जाता है। दोनों नेताओं ने ये बातें सोमवार को महाराजा जसवंत सिंह की प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम कही। राठौड़ ने कहा- ओमजी ने लोगों को पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियां दी राजेंद्र राठौड़ ने कहा- मैं जयपुर से चलकर आ रहा था। एक पर ओम पेट्रोल पंप एंड फ्यूल सेंटर लिखा था। मैंने पूछा ये क्यों लिखा तो मुझे कहा- इसके जनक आपके ओमजी हैं। मेरे जैसे एक दो नहीं उस समय ओमजी ने 250 से ज्यादा लोगों को बुला- बुलाकर पेट्रोल और गैस एजेंसी दी। आप न केवल शिल्पकार हो, उन टैलेंट व्यक्ति का टैलेंट देखते हुए जीवन से जोड़ने का काम किया। ओम माथुर ने कहा- आपको भी तो पेट्रोल पंप दिया पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी की बात पर ओम माथुर ने कहा-आपको भी तो दिया है। इस पर राठौड़ ने कहा- जयपुर के कानोता में पराक्रम पेट्रोल पंप भी आपकी कृपा से मिला है। पूनिया बोले-राजनीति में सीखने की पाठशाला राजेंद्र राठौड़ कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया भी मौजूद थे। सतीश पूनिया बोले- ओम माथुर हमारी राजनीति पाठशाला के पहले गुरु हैं। उन्होंने हमें चलना सिखाया है। वहीं, राजेंद्र राठौड़ से राजनीति में बहुत सीखने को मिला। भैरोसिंह के बाद कोई राजनीति की पाठशाला है तो वह राजेंद्र राठौड़ हैं। उन्होंने कहा – कागज का टुकड़ा किसी का भविष्य तय नहीं करता। बल्कि डिग्री से वह अपने पैरों पर खड़ा हो जाए। ऐसे संस्कार लेकर जाए जो समाज की समरसता, भाईचारा और देश के विकसित होने का कल्पना करते हैं, वह पूरे कर सके।