दबंगों ने एक परिवार के आशियाने पर बुलडोजर चला दिया। घटना दौसा जिले के लालसोट थाना क्षेत्र की है। पीड़ित ने थाने में नामजद रिपोर्ट दी है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। एडिशनल एसपी विनोद सीपा ने बताया- लालसोट थाना क्षेत्र के गुदड़िया गांव निवासी सीताराम ने रिपोर्ट दी है। मकान तोड़ने के दौरान घर के सभी पुरुष लालसोट गए हुए थे। इस दौरान पीछे घर पर महिलाएं थीं। रोत-चिल्ताते हुए महिलाएं मदद की गुहार लगाती रहीं। मगर कोई मदद नहीं मिली। इस दौरान घर में मौजूद लड़कियों ने घटना का वीडियो बना लिया। 1999 में आबादी क्षेत्र के लिए जमीन आवंटित की थी रिपोर्ट में सीताराम ने बताया- 21 मई 1999 को गुदड़िया गांव में दो बीघा जमीन को आबादी क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया था। इसके आधार पर ग्राम पंचायत तलावगांव ने आबादी के पट्टे भी जारी किए थे। मगर तहसील प्रशासन लालसोट ने दौसा जिला कलेक्टर के आदेश के बाद भी इस आबादी भूमि को राजस्व नक्शे में दर्ज नहीं किया। इस दौरान कुछ भूमाफियाओं ने आवंटित जमीन की जगह अपनी जमीन का नक्शा दर्ज करा लिया। लालसोट तहसील प्रशासन ने 16 फरवरी 2017 को इस तरमीम (नक्शा दर्ज) को गलत माना था। लोडर और जेसीबी से तोड़े मकान सीताराम ने बताया- सोमवार की शाम 4 बजे शंकरलाल मीणा, दिलखुश मीणा, बाबूलाल मीणा, मीठालाल मीणा, नरेंद्र और हंसराज सहित तीन-चार महिलाएं और 8 से 10 अज्ञात लोग एक लोडर और बुलडोजर मशीन लेकर गांव पहुंचे। इसके बाद उन्होंने मकान, कच्चे घर और टीन शेड को तोड़ना शुरू कर दिया। ये सभी हमारी आबादी भूमि पर स्थिति थे। एसडीएम से गुहार लगाने गए थे परिवार के पुरुष पीड़ित ने बताया- भू-माफिया हमारी आबादी भूमि पर अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहे थे। इस पर परिवार के पुरुष लालसोट एसडीएम के पास गुहार लगाने पहुंचे थे।पीछे भू माफियाओं ने जमीन पर तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान घर में मौजूद महिलाएं और बच्ची मदद के लिए चिल्लाती रहीं। मगर कोई सहायता नहीं मिली। पीड़ित परिवार के पक्ष में सुनाया फैसला-सीताराम सीताराम ने बताया- 2018 में सिविल न्यायधीश मजिस्ट्रेट कोर्ट पीड़ित परिवार के पक्ष में सुना चुका फैसला है। इसके बाद दबंग रूक नहीं रहे है। सिविल न्यायधीश मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 14 नवंबर 2018 को सबूतों और तथ्यों दस्तावेज पट्टा के आधार पर इस भूमि का पीड़ित परिवार के पक्ष मे फैसला सुनाया गया। कोर्ट ने माना कि यह भूमि पीड़ित राजेंद्र सैन, विष्णु सैन जितेंद्र सैन की है। दबंगों का इस भूमि पर कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने जारी किए स्थगन आदेश पीड़ित के वकील संजीव जोशी ने बताया- जिला कलेक्टर ने 1999 में जो आदेश जारी किए थे उन्हें पटवारी ने नजर अंदाज कर दिया। भू-माफियाओं ने मिली भगत करके गलत तरीके से आबादी भूमि की तरमीम कराई है। साथ ही जबरदस्ती कब्जा करने की कोशिश की गई। मंगलवार को लालसोट एसडीओ कोर्ट ने विवादित जमीन पर स्थगन आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। आरोपी मौके से फरार एडिशनल एसपी ने बताया- पीड़ित पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जिसमें मकान गिराने और जाने से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद से आरोपी मौके से फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है।
… यह खबर भी पढ़ें जमीनी विवाद में बुजुर्ग पर लाठी-डंडों से हमला;VIDEO:जमीन पर गिराकर पीटते रहे; मारपीट से सिर फटा, एक हाथ और पैर टूटा भीलवाड़ा के आसींद थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद के चलते परिवार के लोगों ने मिलकर एक बुजुर्ग किसान पर जानलेवा हमला कर दिया। किसान अपने परिवार के साथ खेत पर बुवाई करने पहुंचा था। विवाद की आशंका के चलते किसान का बेटा पुलिस थाने शिकायत करने गया, तभी आरोपियों ने पीछे से हमला कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर)
