राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज चुनाव कार्यक्रम में बदलाव किया है। पहले, दूसरे और तीसरे चरण में वोटिंग पहले के कार्यक्रम से एक दिन पहले की गई है। जैसलमेर में अब पहले की जगह चौथे चरण में वोटिंग होंगी। बीकानेर में चारों चरण और सलूंबर में दो चरण में पोलिंग होगी। पहले चरण में अब जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य की वोटिंग 22 अक्टूबर और पंच-सरपंच की वोटिंग 24 अक्टूबर को होगी। दूसरे चरण में जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य की वोटिंग 28 अक्टूबर और पंच-सरपंच की वोटिंग 30 अक्टूबर को होगी। तीसरे चरण में जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य के लिए वोटिंग 3 नवंबर को होगी। जबकि 3605 पंचायतों में पंच-सरपंच के लिए वोटिंग 5 नवंबर को होगी। पहले धनतेरस (6 नवंबर) के दिन वोटिंग शेड्यूल थी। धनतेरस के दिन इन पंचायतों में उपसरपंच की वोटिंग होगी। पहले ये था चुनाव शेड्यूल राजस्थान में कुल कितने मतदाता डालेंगे वोट इन जिलों की पंचायत समितियों में कार्यक्रम बदला… सरपंच चुनाव में वोटिंग के दिन ही आएगा रिजल्ट सरपंच चुनाव में वोटिंग के दिन ही देर रात तक नतीजे घोषित होंगे। 3 अक्टूबर को पंचायत चुनावों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लग चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग 4 चरणों में चुनाव करवाएगा, केवल जयपुर जिले में ही चार चरण में चुनाव हैं। 37 जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव 37 जिलों में 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव होगा। 26 नवंबर को उपजिला प्रमुख और 28 नवंबर को उपप्रधान का चुनाव होगा। कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली में प्रमुख और प्रधानों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होगा। यहां जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव बाद में होगा। हालांकि जिला परिषद के मेंबर और पंचायत समिति मेंबर के चुनाव अन्य जिलों के साथ ही होंगे। दो दिन के अंतराल पर दूसरी बार वोटिंग इस बार मतदाताओं को दो दिन में ही दूसरी बार वोट डालना पड़ेगा। जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य का मतदान एक साथ होगा। वहीं इसके दो दिन बाद पंच-सरपंच का चुनाव होगा।
कौनसे चरण में कहां होगा चुनाव… जयपुर-बीकानेर में चार चरण में होंगे चुनाव राजस्थान के 37 जिलों में 50 दिन तक चुनावी प्रक्रिया जारी रहेगी। 8 अक्टूबर से 28 नवंबर तक पंचायतीराज चुनाव के अलग-अलग चरण होंगे। जयपुर और बीकानेर में सबसे ज्यादा चार चरण में चुनाव होंगे। जैसलमेर, फलोदी में एक चरण में, झुंझुनूं, करौली, सीकर, बांसवाड़ा, जालोर और उदयपुर में तीन चरण और 31 जिलों में दो चरण में चुनाव होंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य और प्रमुख-प्रधान का पिछला रिजल्ट… ग्रामीण इलाकों में उद्घाटन, शिलान्यास नहीं होंगे आयोग के चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लग गई थी। तबादलों पर पाबंदी लग गई। मंत्री अब अपने इलाकों में सरकारी गाड़ी से नहीं जा सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस व डाक बंगलों में नहीं ठहर सकेंगे। सरकार नई योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं कर सकेगी। पहले से चल रहे काम जारी रह सकेंगे, जिन टेंडरों का काम पहले से प्रक्रिया में है, उन पर रोक नहीं होगी। आचार संहिता में ऐसी कोई सरकारी घोषणा नहीं हो सकती, जिससे वोटर प्रभावित हो। 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनधि चुने जाएंगे: इन चुनावों में 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनधि चुने जाएंगे। 80 हजार से ज्यादा महिलाएं पंचायतीराज जनप्रतिनिधि बनेंगी पंचायतीराज चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। 1.69 लाख में से आधी महिलाएं चुनकर आएंगी। 14403 ग्राम पंचायतों में 7200 महिला सरपंच और 65 हजार महिला वार्ड पंच बनेंगी। वहीं 457 में से 221 प्रधान महिला होंगी। … जिलों का अपडेट शेड्यूल देखें… जयपुर । जोधपुर । उदयपुर । कोटा । सीकर । अलवर । अजमेर । दौसा । श्रीगंगानगर । झुंझुनूं । कोटपूतली-बहरोड़ । डूंगरपुर । डीग । करौली । खैरथल-तिजारा । बांसवाड़ा । जैसलमेर । चित्तौड़गढ़ । भीलवाड़ा । नागौर । बाड़मेर । भरतपुर । चूरू । धौलपुर । प्रतापगढ़ । सिरोही । बालोतरा । डीडवाना-कुचामन । फलोदी । राजसमंद । सवाई माधोपुर । बारां । बूंदी । बीकानेर । पाली । ब्यावर । झालावाड़ । हनुमानगढ़ । टोंक । जालोर । सलूंबर | ये खबर भी पढ़ें… 1. राजस्थान में 4 चरणों में होंगे पंचायत चुनाव:20 नवंबर को आएगा परिषद और पंचायत समिति सदस्य का रिजल्ट; 16 नवंबर तक होंगे सरपंच के चुनाव 2. सरपंच और प्रधान कौन बन पाएंगे:शौचालय नहीं तो नहीं लड़ पाएंगे चुनाव! 2 से ज्यादा बच्चे और 8वीं फेल का क्या होगा? जानिए-क्या दस्तावेज चाहिए 3. CM भजनलाल थे सरपंच, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा प्रधान:किरोड़ी, जूली और विश्वेंद्र सिंह जिला प्रमुख; पंचायत चुनावों से कई दिग्गज चढ़े सत्ता की सीढ़ी
