अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल में बिल्लियां गार्ड्स के साथ गश्त करती हैं। सतर्कता ऐसी कि लॉरेंस गैंग से जुड़े गैंगस्टर की जान तक बचा चुकी हैं। जेल में बंद कैदी भी इन्हें पसंद करते हैं। बिल्लियां न दिखें तो तुरंत जेल प्रहरियों से इनके बारे में पूछते हैं। इन्हें रोटी और दूध खिलाते हैं। इस जेल में रोहित गोदारा और लॉरेंस गैंग से जुड़े कुख्यात अपराधी बंद हैं। इन बिल्लियों की संख्या करीब 10 से 12 है। रंग में कोई काली है तो कोई भूरी। गार्ड्स भी इनके रंग के हिसाब से इन्हें पुकारते हैं। इन्हें जेल में कहीं भी आने या जाने के लिए किसी की परमिशन लेनी नहीं पड़ती है। ये बेधड़क जहां चाहे वहां घूम सकती हैं और खा सकती हैं। चलिए, आपको इन बिल्लियों से जुड़े रोचक किस्से बताते हैं – अफसरों के साथ करती हैं गश्त ये बिल्लियां सिर्फ भोजन करके आराम या इधर-उधर घूमती ही नहीं, काम भी करती हैं। काम भी ऐसा कि अपराधी भी इन्हें देखकर सतर्क हो जाते हैं। अधिकारी और प्रहरी जेल के अलग-अलग हिस्सों में निगरानी करते हैं, तो इनके साथ-साथ ये बिल्लियां भी कदमताल बढ़ाते हुए चलती हैं। कभी आगे तो कभी पीछे। अफसर किसी सेल के पास रुकते हैं तो ये भी ठहर जाती हैं। गश्ती दल के आगे बढ़ते ही ये भी चल देती हैं। लॉरेंस गैंग से जुड़े गैंगस्टर की बचा चुकी जान जेल प्रशासन के मुताबिक- बिल्लियों के कारण लॉरेंस गैंग से जुड़े एक गैंगस्टर की जान बच पाई थी। एक रात गैंगस्टर की सेल में नाली के रास्ते कोबरा सांप घुस गया। कोबरे से बेफिक्र कैदी सो रहा था। इस दौरान बिल्लियों की नजर कोबरा पर पड़ गई। उन्होंने सेल के अंदर जाकर सांप को घेर लिया और शोर मचाने लगीं। बिल्लियों का शोर सुनकर गैंगस्टर की नींद खुल गई। कोबरा देखकर उसने ड्यूटी पर तैनात संतरी को आवाज लगाई। समय रहते कोबरे का रेस्क्यू किया गया, जिससे अनहोनी टल गई। ये बात सितंबर महीने की है। गार्ड भी बिल्लियों पर रखते हैं नजर बिल्लियां भले ही बंदियों और जेलकर्मियों के बीच घुल-मिल गई हों, लेकिन हाई-सिक्योरिटी जेल में सुरक्षा को लेकर किसी तरह की ढील नहीं है। प्रशासन इनकी आवाजाही पर नजर रखता है, ताकि कोई इनके जरिए प्रतिबंधित सामान जेल के भीतर पहुंचाने की कोशिश न कर सके। चूहे पकड़ने के लिए लाई गई थीं बिल्लियां, यहीं की हो गईं जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि जेल में करीब 10-12 बिल्लियां हैं। चूहों को पकड़ने के लिए लाई गईं ये बिल्लियां अब जेल की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं। बंदी इन्हें दूध पिलाते हैं और रोटी चूरकर खिलाते हैं। कई बार ये बिल्लियां बंदियों की कोठरियों के आस-पास बैठती हैं। बाहर की दुनिया से कटे बंदियों के लिए इनका पास आना और कुछ देर साथ रहना तन्हाई के बीच अपनापन देता है। हाई सिक्योरिटी जेल में वर्तमान में 90 के करीब हार्डकोर क्रिमिनल अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में वर्तमान में करीब 90 हार्डकोर गैंगस्टर और बड़े अपराधी बंद हैं। इनमें रोहित गोदारा और लॉरेंस गैंग सहित कई बड़े गैंगस्टरों से जुड़े गुर्गे भी शामिल हैं। ऐसे बंदियों की मौजूदगी के कारण जेल की सुरक्षा व्यवस्था सामान्य जेलों की तुलना में बेहद सख्त रहती है। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बिल्लियों के जरिए प्रतिबंधित सामान पहुंचाने की कोई घटना सामने नहीं आई है। हालांकि साल 2013 में ब्राजील की एक जेल में बिल्ली के शरीर पर मोबाइल फोन और औजार बांधकर जेल के भीतर पहुंचाने का मामला सामने आया था। देखिए हाई-सिक्योरिटी जेल की बिल्लियों की PHOTOS
