अलवर के युवक और उसकी पत्नी का उत्तराखंड के पौढ़ी जिले में शव मिला है। 6 महीने पहले युवक की शादी बिजनौर में हुई थी। युवक चार दिन पहले पत्नी को लेने ससुराल गया था। दोनों 16 जुलाई को बिजनौर से मोबाइल ठीक कराने कोटद्वार गए थे। शाम तक नहीं लौटे तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। 17 जुलाई को घर से करीब 50 किलोमीटर दूर जंगल में दोनों के शव मिले। 18 जुलाई को युवक का शव अलवर लाया गया। युवक के पिता सेना में हवलदार हैं। पिता ने आरोप लगाया- मेरी बहू गर्भवती थी। बहू से गैंगरेप के बाद बेटे के साथ उसकी हत्या कर शवों को पेड़ से लटका दिया गया। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है, मामले की जांच जारी है। पिता बोले- बहू को लेने गया था बेटा जानकारी के अनुसार- अलवर जिले के एक गांव के निवासी युवक की शादी इसी साल जनवरी में बिजनौर जिले की युवती से हुई थी। युवक ने 12वीं क्लास पास करके आर्मी की तैयारी कर रहा था। युवक के पिता ने कहा- करीब 15 दिन पहले बहू मायके गई थी। 15 जुलाई को उसे वापस लाने बेटा बिजनौर गया था। 16 जुलाई को दोनों घर से निकले, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। हमने संपर्क किया तो दोनों के मोबाइल बंद मिले। इसके बाद गुमशुदगी दर्ज कराई। 17 जुलाई को सड़क किनारे खड़ी बाइक में चाबी लगी मिली। वहीं बेटे और बहू का बैग मिला। पुलिस ने आसपास के जंगल में तलाश की तो देर रात एक पेड़ से दोनों के शव लटके मिले। घटनास्थल से दोनों के टूटे हुए मोबाइल बरामद हुए। पिता ने कहा- दोनों खुश थे, आत्महत्या नहीं कर सकते पिता ने कहा- मेरा बेटा और बहू खुशहाल जीवन जी रहे थे। बहू गर्भवती थी और परिवार नए सदस्य के आने की तैयारी कर रहा था। ऐसे में दोनों के आत्महत्या करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्स्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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