पंजाब सरकार और मोगा जिला प्रशासन के निर्देश पर किसानों को गेहूं की नाड़ न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पराली जलाने के आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। इसी कड़ी में, एस.डी.एम. निहाल सिंह वाला गगनदीप ने अपने कार्यालय में गेहूं की पराली न जलाने को लेकर एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में डीएसपी निहाल सिंह वाला अनवर अली, एसएचओ निहाल सिंह वाला जतिंदर सिंह, नायब तहसीलदार मनदीप सिंह और रीडर अमरजीत मोंगा सहित कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम ने अफसरों से की बैठक एसडीएम गगनदीप सिंह ने बैठक में कहा कि किसानों को पराली और नाड़ नहीं जलाने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को और गति दी जाए। उन्होंने बताया कि नाड़ जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। मिट्टी की उर्वरक शक्ति कम होती है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त, आग लगने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। अधिकारी अपने क्षेत्रों में करें निगरानी उन्होंने जानकारी दी कि पराली और नाड़ जलाने के मामलों में अब तक 16 एफआइआर दर्ज की जा चुकी हैं। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी और सख्त करें तथा सरकार के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। एस.डी.एम. निहाल सिंह वाला गगनदीप ने किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण की सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए गेहूं की पराली न जलाएं।