मानसा में गर्मी के चलते नहर में नहाने उतरे दो स्कूली छात्र पानी में डूब गए। दोनों बच्चे स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन नहर में नहाने उतर गए। जानकारी मिलने पर पहुँचे लोगों ने गोताखोरों की मदद से दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मौत की सूचना से घर में मातम फैल गया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। दोनों बच्चों की उम्र 15 व 16 साल है। दोनों आपस में अच्छे दोस्त थे और अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। स्कूल जाने के लिए निकले थे, लेकिन नहर में नहाने लगे गाँव ढैपई के 16 वर्षीय गुरविंदर सिंह और भीखी के 15 वर्षीय सुखप्रीत सिंह आपस में दोस्त थे। दोनों 10वीं के छात्र थे। गुरविंदर के मामा भिंदर सिंह ने बताया कि दोनों बच्चे भीखी के एक निजी स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ते थे। वे घर से सुबह करीब 10 बजे स्कूल जाने के लिए निकले थे। घटनास्थल से काफी दूर बरामद किया गया शव दोनों बच्चे स्कूल जाने के बजाय नहर में नहाने चले गए। कुछ देर बाद परिजनों को नहर में डूबने की सूचना मिली। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुँचे। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुँची। करीब चार बजे दोनों के शव काफी मशक्कत के बाद घटनास्थल से काफी दूर बरामद किए गए। सिविल अस्पताल में रखवाया गया है शव शवों को मानसा के सिविल अस्पताल में रखा गया है। सिविल अस्पताल के डॉक्टर गुरप्रीत सिंह ने जानकारी दी कि गाँव ढैपई के 16 वर्षीय गुरविंदर सिंह और भीखी के 15 वर्षीय सुखप्रीत सिंह के शव अस्पताल पहुँचे हैं। उन्होंने बताया कि शवों को अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया गया है।
