महिला आरक्षण को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा किए जा रहे प्रचार को कांग्रेस ने भ्रामक करार देते हुए तीखा पलटवार किया है। शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला प्रभारी उर्मिला योगी ने केंद्र की मोदी सरकार की नीति और नीयत दोनों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला सशक्तिकरण के नाम पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। मंशा पर उठाए सवाल प्रेस वार्ता में उर्मिला योगी ने कहा कि जब महिला आरक्षण से संबंधित कानून संसद में पारित किया जा चुका है, तो इसे धरातल पर लागू करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है? उन्होंने कहा- “यह देरी स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि भाजपा की मंशा साफ नहीं है। केंद्र सरकार इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ लेने और विपक्ष के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भ्रामक प्रचार का सहारा ले रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि वे महिलाओं को उनका हक देने में टालमटोल कर रहे हैं। कांग्रेस का गौरवशाली इतिहास उर्मिला योगी ने कांग्रेस पर लग रहे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास हमेशा से महिलाओं को सशक्त बनाने का रहा है। उन्होंने गिनाया कि कांग्रेस ने ही देश को पहली महिला प्रधानमंत्री दी, कई राज्यों में महिला मुख्यमंत्री बनाईं और लगभग एक सदी पहले महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। ऐसे में कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाना केवल राजनीतिक द्वेष है। प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी इस दौरान जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। प्रेस वार्ता में पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रेखा जोशी, राधेश्याम कला, उम्मेद सिंह तंवर, शंकर माली, आनंद देवड़ा, अरुणा देवड़ा और एनएसयूआई अध्यक्ष मानाराम सहित कांग्रेस के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे महिलाओं के अधिकारों और भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
