शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी ने होटल और ढाबा संचालकों के साथ ही ऑटो चलाने वालों के लिए भी संकट खड़ा कर दिया है। दरअसल, ऑटो चालक अवैध रूप से एलपीजी घरेलू सिलेंडर से काम चला रहे थे लेकिन अब सिलेंडर नहीं मिल रहा। ऐसे में इन्हें पेट्रोल का सहारा लेना पड़ रहा है। उधर, जिला प्रशासन ने आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। वास्तविक उपभोक्ताओं को समयबद्ध गैस उपलब्ध करवाने के लिए जिला कलक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम का गठन किया है। जिला रसद अधिकारी नरेश शर्मा के अनुसार गैस सिलेंडरों की आपूर्ति और शिकायतों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है। इसके लिए दूरभाष नंबर 0151-2226031 जारी किया गया है। कंट्रोल रूम में अधिकारियों की ड्यूटी तय की गई है, जो गैस आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का समाधान करेंगे। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध की स्थिति को देखते हुए गैस आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन, रसद विभाग और तेल कंपनियों के अधिकारियों के बीच प्रतिदिन समन्वय रखा जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत समाधान किया जा सके। जिला रसद अधिकारी ने बताया कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अवैध रिफिलिंग पर रोक लगाने के लिए डिस्ट्रिक्ट विजिलेंस यूनिट का गठन किया गया है। यह टीम चौबीस घंटे निगरानी रखेगी और संदिग्ध स्थानों का निरीक्षण करेगी। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर गैस वितरण केंद्रों पर पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। इसके अलावा सभी एलपीजी वितरण केंद्रों के सीसीटीवी कैमरों को अभय कमांड सेंटर से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। एलपीजी सिलेंडरों से भरे वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। यहां कर सकते हैं शिकायत प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि गैस आपूर्ति को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक भंडारण से बचें। गैस से संबंधित शिकायतों के लिए आमजन 181, 112 और 1445 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं कालाबाजारी या अन्य शिकायतों के लिए जिला रसद अधिकारी के दूरभाष नंबर 0151-2226010 पर भी जानकारी दी जा सकती है।