समाज में आपसी सद्भाव, मानवता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से फरीदकोट के कोटकपूरा में सेंट जोसेफ कैथोलिक चर्च की ओर से सर्वधर्म शांति एवं एकता मार्च का भव्य आयोजन किया गया। शांति के दूत सेंट फ्रांसिस असीसी की 800वीं जयंती को समर्पित इस मार्च में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों और संतों ने विशेष रूप से भाग लेकर विश्व शांति की कामना की। एकता मार्च की शुरुआत कोटकपूरा के सिविल अस्पताल से हुई, जो शहर के विभिन्न मुख्य बाजारों और हिस्सों से गुजरता हुआ सेंट जोसेफ कैथोलिक चर्च पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान मार्च में शामिल प्रतिनिधियों ने लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर रहने तथा समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। संत फ्रांसिस असीसी की शिक्षाओं पर चलने और भ्रूण हत्या रोकने का आह्वान इस अवसर पर चर्च के फादर जॉन तेजा ने कहा कि संत फ्रांसिस असीसी ने दुनिया को शांति, प्रेम और निष्काम सेवा का संदेश दिया है। उन्हीं के आदर्शों से प्रेरणा लेकर इस सर्वधर्म मार्च का आयोजन किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में स्थायी शांति के लिए सभी धर्मों को एक मंच पर आकर संयुक्त प्रयास करने होंगे। फादर जॉन तेजा ने यह भी बताया कि इस मार्च के माध्यम से लोगों को कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है, ताकि समाज में हर जीवन के प्रति सम्मान की भावना पैदा हो सके। कार्यक्रम के अंत में कैथोलिक चर्च द्वारा विभिन्न धर्मों से आए सभी प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। सांझीवालता और मानवता ही धर्म का मूल उद्देश्य
गुरुद्वारा पातशाही दसवीं से पहुंचे प्रतिनिधि गुरप्रीत सिंह ने कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा करना और आपसी सांझ को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न धार्मिक आयोजनों में एक-दूसरे के साथ शामिल होकर सांझीवालता का संदेश देना समाज को जोड़ने का एक बेहद मजबूत माध्यम है। उन्होंने कैथोलिक चर्च की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समुदायों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग बढ़ता है।