पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत नगर कौंसिल नकोदर की ओर से शहर के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता नगर कौंसिल के प्रधान प्रदीप सिंह शेरपुर ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य अवैध और प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाना रहा। प्रधान प्रदीप सिंह शेरपुर ने बैठक में उपस्थित सभी दवा विक्रेताओं से अपील की कि वे किसी भी तरह की अवैध या प्रतिबंधित नशीली दवाएं न बेचें और दवा बिक्री से संबंधित सभी सरकारी व कानूनी नियमों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य को बर्बाद कर रही है और समाज के लिए एक गंभीर खतरा है। नगर कौंसिल की दुकानों पर मिला नशा तो रद्द होगा किरायानामा
बैठक के दौरान नगर कौंसिल के पार्षदों ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक अवैध नशीली दवाएं बेचते हुए पाया गया, तो उसकी रिपोर्ट तुरंत पुलिस और उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। इसके साथ ही, नगर कौंसिल की स्वामित्व वाली दुकानों के संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि यदि कौंसिल की किसी दुकान में ऐसी कोई भी असामाजिक या अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधित किरायेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा दुकान को तुरंत खाली करवा लिया जाएगा। मेडिकल एसोसिएशन ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन बैठक में मौजूद सभी मेडिकल स्टोर संचालकों और मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने पंजाब सरकार व नगर कौंसिल की इस मुहिम का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने नकोदर शहर को नशामुक्त बनाने और अवैध नशीली दवाओं की बिक्री रोकने में प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
इस अवसर पर नगर कौंसिल नकोदर के प्रधान प्रदीप सिंह शेरपुर, उप प्रधान विजय मड़ास, सीनियर उप प्रधान अश्वनी कोहली, पार्षद चरनजीत सिंह चन्नी, सोहन लाल, दीपक महिंद्रू और रमेश सोंधी उपस्थित थे। वहीं मेडिकल एसोसिएशन एवं दवा विक्रेताओं के प्रतिनिधि के रूप में मनोज चोपड़ा, दीपक अरोड़ा सहित शहर के अन्य मेडिकल स्टोर संचालक भी मौजूद रहे।