राज्य उपभोक्ता आयोग ने कहा- प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत मिलने वाली सब्सिडी सेवा (सर्विस) के दायरे में नहीं आती है। ऐसे में योजना के तहत सब्सिडी पाने वाला व्यक्ति उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत उपभोक्ता नहीं माना जा सकता है। राज्य आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश देवेंद्र कच्छावा और सदस्य करुणा जैन की पीठ ने दो अपीलों को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। बेंच ने जिला उपभोक्ता आयोग द्वितीय जयपुर के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें जिला आयोग ने फाइनेंस कंपनी पर 1.11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। फ्लैट खरीदने पर नहीं मिली थी सब्सिडी दरअसल, जिला उपभोक्ता आयोग में पूजा डाबला ने परिवाद दायर करके कहा- उन्होने साल 2019 में जयपुर के विकास नगर हीरापुरा में फ्लैट खरीदने के लिए फाइनेंस कंपनी से 18.93 लाख रुपए का लोन लिया था। कंपनी ने दावा किया था कि उन्हें पीएमएवाई के तहत 2.67 लाख रुपए की सब्सिडी मिलेगी। तय समय के बाद भी उनके खाते में सब्सिडी की राशि नहीं आई। जिस पर फैसला देते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने सब्सिडी की राशि लोन में समायोजित करने के साथ 1 लाख रुपए मानसिक परेशानी और 11 हजार रुपए परिवाद दायर करने का खर्चा देने का निर्देश दिया था। इस फैसले के खिलाफ फाइनेंस कंपनी और नेशनल हाउसिंग बैंक ने अपील की थी। इस पर सुनवाई के बाद राज्य आयोग ने कहा कि सब्सिडी एक सरकारी योजना है, जो नियमों के अनुसार दी जाती है। यह सेवा के दायरे में नहीं आती है।