कोटा में रेलवे अंडरपास के निर्माण के दौरान मिट्‌टी ढहने से 2 इंजीनियर की मौत के मामले में शुक्रवार सुबह जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह सोलंकी का पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान परिवार ने बताया कि प्रभात सिंह सोलंकी की रेलवे में जूनियर इंजीनियर के पद पर नियुक्ति महज तीन महीने पहले ही हुई थी और उसकी ट्रेनिंग चल रही थी। परिवार ने कहा- इसके बावजूद उसे इतने बड़े और जोखिम भरे प्रोजेक्ट में लगाया गया। परिवार ने हादसे को लापरवाही का परिणाम बताया है। परिवार में दो बहनों का इकलौता भाई प्रभात भोपाल का रहने वाला था और परिवार में दो बहनों का इकलौता भाई था। उसके पिता और तीन चाचा के परिवार में भी वह अकेला लड़का था। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर थी। रेलवे प्रशासन नियमानुसार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देगा सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस कॉरिडोर के तहत दरा टनल और रेलवे अंडर ब्रिज का काम चल रहा था। रेलवे प्रशासन नियमानुसार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देगा। वहीं बिहार निवासी इंजीनियर पंकज कुमार झा के परिजनों के पहुंचने के बाद उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। गुरुवार रात हुआ हादसा कोटा में नेशनल हाईवे-52 पर दरा घाटी के पास गुरुवार रात करीब 8 बजे रेलवे अंडर ब्रिज पर बॉक्स फिशिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह सोलंकी और पंकज कुमार झा अचानक मिट्टी ढहने से उसके नीचे दब गए थे। प्रशासन और राहत टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। ये भी पढ़ें… रेलवे अंडरपास बनाते समय मिट्टी ढही,2 इंजीनियर की मौत:जेसीबी से मिट्‌टी हटाकर 15 मिनट में दोनों को निकाला, एक अधिकारी ने हॉस्पिटल में तोड़ा दम कोटा में रेलवे अंडरपास के निर्माण के दौरान मिट्‌टी ढहने से 2 इंजीनियर की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कनवास SDM बाबूलाल मीणा ने बताया- नेशनल हाईवे-52 पर दरा घाटी के पास रेलवे अंडरपास का काम चल रहा है। (पूरी खबर पढ़ें)