जोधपुर शहर में शुक्रवार शाम को तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। शहर के भेरूजी चौराहे, भगत की कोठी, जालोरी गेट, मेडिकल चौराहे, रेलवे स्टेशन रोड और कृषि मंडी मोड़ सहित कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया, जिससे कई मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। हालांकि, इस बारिश से लोगों को पिछले कई दिनों से सता रही भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है। बता दें कि गुरुवार को मानसून ने राजस्थान के 12 जिलों में दस्तक दी थी। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार इस बार जोधपुर में मानसून थोड़ा कमजोर रहने की संभावना जताई गई है। अब देखिए, जोधपुर के मौसम से जुड़ी PHOTOS मानसून पर फलोदी सट्टा बाजार का बड़ा दांव: ‘नदी’ पर खुला 30 पैसे का भाव, भारी बारिश का अनुमान 1. मानसून की दस्तक के साथ फलोदी सट्टा बाजार में हलचल, बारिश पर लगा बड़ा दांव राजस्थान में मानसून के प्रवेश के साथ ही फलोदी सट्टा बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। इस बार मानसून को लेकर सट्टा बाजार में बड़ा दांव लगाया गया है। गुरुवार शाम 4 बजे जब फलोदी का सट्टा बाजार खुला, तो सबसे बड़ी हलचल मानसून को लेकर ही देखी गई। इस सीजन में बारिश के लिए सट्टा बाजार में अब तक का सबसे बड़ा भाव खोला गया है। बाजार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह पूरा दांव बादलों की स्थिति और मोबाइल में तापमान के आंकड़ों को देखकर लगाया जाता है। यह भाव अगले 24 घंटे यानी शुक्रवार शाम 4 बजे तक मान्य रहेगा। 2. पतरा, नाली और नदी: सट्टा बाजार में बारिश मापने के तीन अनोखे पैमाने फलोदी सट्टा बाजार में बारिश के स्तर को मापने और उस पर दांव लगाने के तीन बेहद अनोखे पैमाने तय किए गए हैं। पहला पैमाना ‘पतरा’ (लोहे की चादर) कहलाता है, जिसका मतलब बहुत कम या सिर्फ बूंदबांदी से है। दूसरा पैमाना ‘नाली’ है, जिसका अर्थ ठीक-ठाक बारिश से है, जिससे शहर की नालियों में पानी बहने लगे। वहीं, तीसरा और सबसे बड़ा पैमाना ‘नदी’ है, जिसका मतलब मूसलाधार या भारी बारिश से होता है, जिससे सड़कों पर नदी की तरह पानी बहने लगे। 3. ‘नदी’ पर खुला 30 पैसे का भाव, पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश का दावा गुरुवार शाम को जब बाजार खुला, तो सबसे बड़ा दांव ‘नदी’ यानी भारी बारिश पर लगाया गया, जिसके लिए 30 पैसे का भाव खोला गया है। सट्टा बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दो दिनों में मानसून पश्चिमी राजस्थान में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। सट्टा बाजार का यह भाव इसी मजबूत संभावना की ओर इशारा कर रहा है। जानिए पिछले साल जोधपुर संभाग में कितनी हुई थी बारिश
