नगर निगम चुनाव में जयपुर के 3 वार्डों में कांटे की टक्कर है। यहां चुनावी लड़ाई सिर्फ पार्टी सिंबल पर नहीं लड़ी जा रही है। यहां प्रत्याशी का चेहरा, स्थानीय पकड़, बागियों का असर, जातीय समीकरण और एंटी-इनकंबेंसी ये पांचों फैक्टर मिलकर जीत-हार तय करेगी। वार्ड 110 में पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल के सामने निर्दलीय की चुनौती है। वार्ड 112 में संभावित मेयर चेहरे के तौर पर सुनील कोठारी की एंट्री ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। वहीं वार्ड 135 में भाजपा प्रत्याशी विमल अग्रवाल को पार्टी के ही बागियों और पुराने विवादों से जूझना पड़ रहा है। ये तीनों प्रत्याशी संभावित मेयर के चेहरे माने जा रहे हैं। संभावित मेयर की इन 3 सीटों पर फंसा चुनाव वार्ड 110: ज्योति के सामने बीना की चुनौती, मेठी परिवार की साख भी दांव पर जयपुर के वार्ड 110 में चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। भाजपा ने पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को पार्षद पद का प्रत्याशी बनाकर बड़ा दांव खेला है। उनके सामने कांग्रेस ने वर्तमान पार्षद अरविंद मेठी की पत्नी सुनीता मेठी को उतारा है, लेकिन चुनाव को सबसे ज्यादा रोचक बना रही हैं निर्दलीय प्रत्याशी बीना मेठी, जिनकी मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। ज्योति बोलीं- परिवार पीढ़ियों से यहां रह रहा, समस्याओं को अच्छे से समझती हूं भाजपा प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल ने कहा- यह वार्ड जयपुर शहर के हेरिटेज की पहचान है और इसे बचाए रखना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा- साफ-सफाई और आमजन को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी मेरे एजेंडे में रहेगा। संभावित मेयर चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर खंडेलवाल ने कहा कि मेरा परिवार पिछले करीब ढाई सौ साल से इस क्षेत्र में रह रहा है। मेरी पीढ़ियां यहीं पली-बढ़ी हैं और इसी कारण मैं क्षेत्र की जरूरतों और समस्याओं को अच्छी तरह समझती हूं। उन्होंने कहा कि मैं यहां के लोगों की आवाज बनकर उनकी समस्याओं को उठाऊंगी। बागी उम्मीदवारों के सवाल पर खंडेलवाल ने कहा- जयपुर की जनता समझदार है और विकास के लिए सरकार का साथ होना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि जनता ट्रिपल इंजन सरकार के पक्ष में मतदान करेगी। कांग्रेस प्रत्याशी ने आवारा पशुओं की समस्या को बनाया मुद्दा कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता मेठी ने साफ-सफाई और आवारा पशुओं की समस्या को अपना चुनावी मुद्दा बनाया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को और बेहतर करना और बढ़ती पशु समस्या पर अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा। सुनीता ने कहा- मेरे पति अरविंद मेठी ने क्षेत्र में काम किया है, लेकिन जो काम उनके कार्यकाल में अधूरे रह गए, उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बोर्ड बनने के बाद क्षेत्र में अपेक्षा के अनुरूप काम नहीं हो पाए। त्रिकोणीय मुकाबले पर सुनीता मेठी ने कहा कि प्रत्याशियों की संख्या बढ़ने से चुनावी समीकरण जरूर बदले हैं, लेकिन जनता कांग्रेस के साथ है। उन्होंने दावा किया कि उनका परिवार लंबे समय से जनता की जरूरतों को लेकर सड़कों पर संघर्ष करता आया है। 12 हजार वोटर, वैश्य-ब्राह्मण-मुस्लिम समीकरण अहम वार्ड 110 में करीब 12 हजार मतदाता हैं। इनमें लगभग 3,500 वैश्य, 2,500 ब्राह्मण और करीब 2,500 मुस्लिम मतदाता बताए जा रहे हैं। ऐसे में सामाजिक समीकरण के साथ-साथ उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ भी नतीजे में अहम होगी। सूत्रों के अनुसार, भाजपा की अंदरूनी राजनीति भी ज्योति खंडेलवाल के लिए चुनौती बन सकती है। पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं के साथ समीकरण उनके चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं अरविंद मेठी के खिलाफ एंटी – इनकंबेंसी का असर कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता मेठी के सामने भी चुनौती बन सकता है। वार्ड 112: कांग्रेस ने बनाया ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ का मुद्दा वार्ड नंबर 112 इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। भाजपा ने प्रदेश उपाध्यक्ष रहे सुनील कोठारी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने पुराने कार्यकर्ता आशीष शर्मा पर भरोसा जताया है। सुनील कोठारी का नाम संभावित मेयर प्रत्याशी के तौर पर चर्चा में है। इस सीट पर सबसे बड़ा सियासी घटनाक्रम पूर्व पार्षद और पूर्व मेयर कुसुम यादव का टिकट काटना है। उनके परिवार का पिछले करीब 15 साल से इस सीट पर प्रभाव रहा है। ऐसे में भाजपा को यहां भीतरघात का डर सता रहा है। कोठारी बोले-जयसिंह के सपनों के जयपुर को धरातल पर उतारना चाहता हूं सुनील कोठारी ने कहा- मैं इसी क्षेत्र में पला-बढ़ा हूं। क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाना मेरी प्राथमिकता है। जयपुर के हेरिटेज को बचाते हुए विकास कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। मेयर पद के संभावित चेहरे के सवाल पर कोठारी ने कहा कि मैं फिलहाल सिर्फ एक पार्षद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहा हूं। पार्टी ने 150 कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा है और मैं भी उन्हीं में से एक हूं। आगे संगठन जिस व्यक्ति में जिस जिम्मेदारी की योग्यता देखेगा, उसे मौका दिया जाएगा। कोठारी ने कहा- मैं जयसिंह के सपनों के जयपुर को धरातल पर उतारना चाहता हूं। शहर के मूल विजन के अनुसार विकास करना मेरा लक्ष्य है। कुसुम यादव की नाराजगी के सवाल पर कोठारी ने कहा कि वह भाजपा की सच्ची सिपाही हैं और उनके परिवार ने क्षेत्र में अच्छा काम किया है। उनके कामों का फायदा भी चुनाव में मुझे मिलेगा। कांग्रेस का हमला- भाजपा नहीं, बाहरी बनाम स्थानीय का चुनाव कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा ने इस चुनाव को सीधे तौर पर बाहरी बनाम स्थानीय की लड़ाई बताया है। आशीष ने कहा – मैं इसी क्षेत्र का रहने वाला हूं। लंबे समय से यहां की जनता के लिए काम कर रहा हूं। पार्टी ने भले ही हमें पहली बार टिकट दिया हो, लेकिन चुनाव मैं नहीं क्षेत्र की जनता लड़ रही है। उन्होंने वार्ड में सफाई और सीवरेज जैसी समस्याओं को बड़ा मुद्दा बताया। आशीष ने कहा। जनता केवल पार्षद नहीं, बल्कि ऐसा व्यक्ति चाहती है जो हर समय उनके बीच मौजूद रहे। उन्होंने दावा किया कि वार्ड 112 में मुकाबला किसी पार्टी विशेष का नहीं, बल्कि स्थानीय जनता और बाहरी व्यक्ति के बीच है। आशीष ने कहा कि क्षेत्र के मतदाता पार्टी से ज्यादा स्थानीय उम्मीदवार को महत्व देते हैं। वैश्य-मुस्लिम वोटों के बीच OBC वोट बन सकता है गेमचेंजर वार्ड 112 में वैश्य और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी है, लेकिन OBC मतदाता चुनावी तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। एक तरफ भाजपा का बड़ा चेहरा और संभावित मेयर की चर्चा है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा जोर-शोर से उठा रही है। वहीं कोठारी को अपनी ही पार्टी के नेताओं की भीतरघात का डर भी परेशान कर रहा है। वार्ड 135: बागियों ने बढ़ाई टेंशन वार्ड 135 में भाजपा प्रत्याशी विमल अग्रवाल एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। अग्रवाल ने अपने पिछले कार्यकाल के विकास कार्यों को चुनावी आधार बनाया है और दावा किया है कि जनता उनके काम पर दोबारा भरोसा जताएगी। विमल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने वार्ड के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी और आगे भी जनता की आशा और अपेक्षाओं के अनुरूप काम करते रहेंगे। स्थानीय विधायक बालमुकुंदाचार्य के साथ विवाद के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि अब कोई मतभेद या मनभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि कई बार परिवार में भी विवाद हो जाते हैं, लेकिन अब विधायक पूरी तरह उनके साथ हैं। हालांकि भाजपा के सामने यहां भी बागियों की चुनौती है। अग्रवाल ने माना कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ता अभी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी उनसे लगातार बातचीत चल रही है और मतदान से पहले उन्हें मनाकर वापस पार्टी के साथ लाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने रवि शर्मा को फिर दिया मौका, बागी अख्तर हुसैन बने चुनौती कांग्रेस ने वार्ड 135 से एक बार फिर रवि शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। लेकिन उनके सामने पार्टी के ही बागी अख्तर हुसैन की चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में यहां भी मुकाबला त्रिकोणीय संघर्ष की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है। वार्ड में करीब 22 हजार मतदाता हैं। इनमें लगभग 7 हजार मुस्लिम मतदाता हैं, जबकि करीब 5 हजार ब्राह्मण मतदाता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 3 हजार वैश्य और लगभग ढाई हजार माली समुदाय के मतदाता हैं।