चित्तौड़गढ़ जिले के नारकोटिक्स विभाग में अफीम तौल का काम इन दिनों लगातार जारी है और इसमें बड़ी संख्या में किसान भाग ले रहे हैं। जिले के अलग-अलग डिवीजनों में अफीम और डोडों की तौल अलग-अलग पद्धतियों से की जा रही है। पहले डिवीजन में अभी भी तौल का काम चल रहा है, जबकि सेकंड डिवीजन में यह काम पूरा हो चुका है। तौल केंद्रों पर रोजाना किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं और विभाग द्वारा तय नियमों के अनुसार तौल करवाई जा रही है। फर्स्ट डिवीजन में CPS पद्धति से डोडों की तौल जारी फर्स्ट डिवीजन में तौल का काम अभी जारी है और यहां CPS पद्धति के तहत डोडों की तौल की जा रही है। यह तौल 23 अप्रैल तक जारी रहेगी। तौल के पहले दिन 26 गांवों के 155 किसान केंद्र पर पहुंचे थे। पहले ही दिन कुल 8 हजार 699 किलो डोडों की तौल की गई। इसके बदले किसानों को 17 लाख 39 हजार 800 रुपए का भुगतान किया गया। गुरुवार को तौल का दूसरा दिन है और यह काम लगातार जारी है। तौल केंद्रों पर किसानों की अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है और विभाग के कर्मचारी पूरी व्यवस्था के साथ काम कर रहे हैं। सेकंड डिवीजन में गम और CPS दोनों तौल पूरे सेकंड डिवीजन में अफीम और डोडो के तौल का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। यहां 15 अप्रैल तक CPS पद्धति से डोडों की तौल पूरी कर ली गई थी। इसके साथ ही गम पद्धति से अफीम की तौल भी पहले ही पूरी हो चुकी है। गम पद्धति के तहत 195 गांवों के 4964 किसानों ने अपनी अफीम तुलाई। इन किसानों से कुल 41 हजार 853.930 किलो अफीम प्राप्त हुई। इसमें 29.34 किलो धोई अफीम भी शामिल है। वहीं 2 किसानों की 16.020 किलो अफीम सस्पेक्टेड पाई गई है, जिसकी जांच की जा रही है। CPS पद्धति में डोडों की बड़ी मात्रा, करोड़ों का भुगतान सेकंड डिवीजन में 11 से 15 अप्रैल तक CPS पद्धति के तहत तौल की गई। इस दौरान बिना चीरा लगाए डोडों की तौल की गई। कुल 1081 किसानों से 61 हजार 454.040 किलो डोडों की तौल हुई। इसके बदले किसानों को एक करोड़ 22 लाख 90 हजार 808 रुपए का भुगतान किया गया। फर्स्ट डिवीजन में अफीम तौल का बड़ा आंकड़ा फर्स्ट डिवीजन में भी अफीम तौल का काम 12 अप्रैल तक किया गया था। यहां 317 गांवों के 5910 किसानों से कुल 49 हजार 002.530 किलो अफीम प्राप्त हुई है। इसमें 12.850 किलो धोई अफीम भी शामिल है। इसके अलावा यहां भी 2 किसानों की 15.880 किलो अफीम सस्पेक्टेड पाई गई है। विभाग द्वारा इन मामलों की जांच की जा रही है। अच्छा उत्पादन देने वाले किसानों को किया जाएगा सम्मानित अफीम तौल के दौरान जहां कुछ मामलों में सस्पेक्टेड अफीम सामने आई है, वहीं कई किसान ऐसे भी हैं जिन्होंने बहुत अच्छी गुणवत्ता और ज्यादा मात्रा में अफीम दी है। विभाग ने ऐसे किसानों को सम्मानित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही जो किसान कम अफीम दे रहे हैं, उन्हें भी बुलाकर समझाया जाएगा ताकि वे आगे बेहतर उत्पादन कर सकें। इस बार पाल का खेड़ा गांव के नारायण पुत्र वर्दी चंद ने सबसे ज्यादा 10 किलो 330 ग्राम अफीम दी है। वहीं रोजडा गांव के भैरूलाल पुत्र ओंकार लाल ने 9.683 किलो अफीम दी है। इसके अलावा CPS पद्धति के पहले दिन ही पालका गांव के गुलाब पुत्र रामसुख ने 94 किलो डोडे दिए है।

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