बारां जिले के शाहाबाद ब्लॉक स्थित गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल खटका के प्रिंसिपल भंवरलाल शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर शिक्षकों को बार-बार कार्यमुक्त करने, सरकारी रिकॉर्ड घर मंगवाकर आदेश जारी करने और कार्मिकों से अभद्र व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप हैं। यह विवाद तब गहराया जब प्रिंसिपल शर्मा ने श्रीगंगानगर (अपने घर) में रहते हुए स्कूल के सात शिक्षकों को कार्यमुक्त करने के आदेश जारी किए। इसके विरोध में विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। विवाद बढ़ने पर विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजते हुए सातों कार्मिकों के कार्यमुक्त आदेश निरस्त कर उन्हें पुनः ज्वाइन कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, प्रिंसिपल ने शिक्षकों को ऑनलाइन पोर्टल पर ज्वाइनिंग नहीं दी। सोमवार को प्रिंसिपल ने एक बार फिर घर बैठे ही उन्हीं सातों शिक्षकों को कार्यमुक्त करने के आदेश जारी कर दिए। माध्यमिक शिक्षा विभाग बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि भंवरलाल शर्मा ने विद्यालय का सरकारी रिकॉर्ड अपने श्रीगंगानगर स्थित निवास पर मंगवाया और वहीं उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर आदेश जारी किए। उन पर बिना विभागीय अनुमति फर्जी यात्राएं दर्शाने और कार्मिकों को जान से मारने की धमकी देने के भी आरोप हैं। साथ ही, बिना सक्षम स्वीकृति के सात कार्मिकों को एपीओ कर कार्यमुक्त करने का मामला भी सामने आया है। इन गंभीर आरोपों को देखते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्य) माध्यमिक, झालावाड़ कार्यालय रहेगा। पहले भी रहे विवादों में
विभागीय सूत्रों के अनुसार भंवरलाल शर्मा का नाम पहले भी विवादों में रहा है। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में पदस्थापना के दौरान उन पर फर्जी लेटरहेड से अधिकारियों-कर्मचारियों को धमकाने के आरोप लगे थे। गंगानगर में एसीबीईओ रहते हुए एक व्याख्याता के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने और फर्जी जांच रिपोर्ट भेजकर निलंबन करवाने का मामला भी सामने आया था। इस पर 3 फरवरी 2025 को उन्हें निलंबित कर बीकानेर मुख्यालय किया गया था। बाद में शाहाबाद मुख्यालय दिया गया और 16 जून 2025 को खटका स्कूल में प्रिंसिपल लगाया गया, लेकिन यहां भी उनके नियमित अनुपस्थित रहने की शिकायतें मिलती रहीं। फिलहाल विभाग ने पूरे मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी है। स्कूल में शिक्षकों की ज्वाइनिंग और व्यवस्था को लेकर स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।