राजस्थान की उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में SOG ने तत्कालीन एमएडी फाउंडेशन कोचिंग, शाहपुरा के संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलीभगत कर दो अभ्यर्थियों को परीक्षा से सॉल्व पेपर दिया था, जिसके बाद दोनों अभ्यर्थी अंतिम चयन सूची में सब-इंस्पेक्टर बन गए। दोनों को 4 जुलाई तक रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान दोनों से पेपर लीक सिंडिकेट, पैसों के लेन-देन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस पेपर लीक प्रकरण में अब तक 149 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूछताछ के आधार पर आगे भी नए खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अभ्यर्थियों को सॉल्व पेपर देकर चयन करवाया था अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि दिनेश किलका पुत्र मन्नाराम किलका निवासी प्रेमपुरा, डांसरोली (सीकर) को 29 जून को गिरफ्तार कर लिया गया था। वह परीक्षा के दौरान शाहपुरा स्थित एमएडी फाउंडेशन कोचिंग का संचालक था। उसकी निशानदेही पर राकेश कुमार को 30 जून को पकड़ा। दोनों ने अभ्यर्थी अविनाश पलसानिया से 20 लाख रुपए और परमेश चौधरी से 16 लाख रुपए लेकर परीक्षा से पहले ही सॉल्व पेपर उपलब्ध कराया और पढ़ाया था। इसके बाद अभ्यर्थियों का चयन उप निरीक्षक पद पर हो गया। अंतिम मेरिट सूची में अविनाश पलसानिया की 86वीं रैंक और परमेश चौधरी की 180वीं रैंक रही थी। अभ्यर्थियों के गिरफ्तार होने पर भाग गया था कोचिंग संचालक एसओजी ने इस मामले में दोनों अभ्यर्थी अविनाश पलसानिया को 31 अगस्त 2024 और परमेश चौधरी को 23 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों की गिरफ्तारी के बाद से ही मुख्य आरोपी दिनेश किलका फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर एसओजी के पुलिस अधीक्षक ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लगातार तलाश के बाद एसओजी ने 29 जून 2026 को दिनेश किलका को गिरफ्तार कर लिया। 35 लाख रुपए में खरीदा था सॉल्व पेपर पूछताछ में दिनेश किलका ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसने परीक्षा से पहले लीक हुआ सॉल्व पेपर सीकर निवासी राकेश कुमार से प्राप्त किया था। इसके लिए उसने राकेश कुमार को 35 लाख रुपए दिए थे। दिनेश की निशानदेही पर एसओजी ने 30 जून को राकेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। अरुण शर्मा के जरिए पहुंचा था पेपर जांच में सामने आया कि राकेश कुमार ने यह सॉल्व पेपर लीक गिरोह के सदस्य अरुण शर्मा पुत्र सांवरमल शर्मा निवासी विजय कॉलोनी, श्रीमाधोपुर (सीकर) से उसके हैंडलरों के माध्यम से प्राप्त किया था। अरुण शर्मा को एसओजी पहले ही 11 जुलाई 2024 को गिरफ्तार कर चुकी है।