उदयपुर में मकान बनवा रहे एक ठेकेदार की मौत हो गई। वह बजरी से भरे मिनी डंपर के पीछे खड़े होकर रिवर्स करवा रहे थे। ड्राइवर डंपर पीछे कर रहा था। इस बीच ठेकेदार एक घर की दीवार और डंपर के बीच फंस गए। लहूलुहान हालत में उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन मौत हो गई। हादसे से कुछ देर पहले ही उन्होंने मजदूरों का पूरा पेमेंट भी किया था। उन्हें कहा था कि ‘आज तक का हिसाब हो गया। अब कल का कल देखेंगे।’ हादसा हिरणमगरी पुलिस थाना इलाके में मंगलवार शाम का है। बजरी से भरे डंपर को करवा रहे थे रिवर्स हादसे में ठेकेदार सलूंबर जिले के सेमारी ब्लॉक के जनकावड़ा निवासी मुकेश (35) पुत्र रूपा मीणा की मौत हुई है। वे सेक्टर तीन स्थित भोपामगरी आजाद नगर इलाके में करीब तीन से चार मकान बनाने का काम कर रहे थे। मंगलवार शाम को एक मकान के निर्माण के लिए बजरी से भरे मिनी डंपर को खाली करवा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- महात्मा गांधी राजकीय स्कूल के पास ड्राइवर डंपर को रिवर्स कर रहा था। पीछे एक घर था, उसकी दीवार के न टकरा जाए। ऐसे में ठेकेदार आवाज देकर गाड़ी पीछे लेने के लिए बोल रहे थे। दीवार और डंपर के बीच फंसे प्रत्यक्षदर्शी हीरालाल पालीवाल ने बताया कि एक मिनट में सब कुछ खत्म हो गया। उस घर के पास ही एक पोल था। पोल से बचने की कोशिश की लेकिन डंपर पीछे घर की दीवार तक आ गया और ठेकेदार को चपेट में ले लिया। ठेकेदार डंपर और दीवार के बीच पिचक गया। उनका सिर डंपर और दीवार के बीच था और खून ही खून बह गया। चीख-पुकार के बीच ठेकेदार को निकालकर लहूलुहान हालत में कार से हॉस्पिटल लेकर गए। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने डंपर को जब्त कर थाने में खड़ा करवाया। करीब 3 से 4 मकान बनवा रहे थे ठेकेदार निवर्तमान पार्षद चंद्रपकाश सुहालका, पूर्व पार्षद लवदेव बागड़ी भी हॉस्पिटल पहुंचे। पार्षद ने बताया कि कांट्रेक्टर मुकेश मिलनासार और व्यवहारिक आदमी थे। मोहल्ले में रहने वाले सभी उसे अच्छे से जानते है और सभी को उसकी मौत का सदमा लगा। उसने यहां कई मकान के कांट्रेक्ट लिए थे और अभी भी करीब तीन से चार मकान बन रहे है। कुछ मिनटों पहले आज तक का हिसाब किया पूर्व पार्षद लवदेव बागड़ी ने बताया कि घटना स्थल के करीब 100 मीटर पास ही सोमवार को छत भराई का काम ठेकेदार ने करवाया था। हादसे से कुछ ही मिनट पहले वहां की लेबर का चबूतरी पर बैठकर हिसाब किया। सबको बोला कि आज तक का हिसाब पूरा कर दिया गया है। अब कल का कल से देखेंगे। इसके कुछ देर बाद ही हादसा हो गया।