Retirement Income: बुढ़ापा अगर बिना पैसों के आए तो जिंदगी बोझ लगने लगती है। लेकिन अगर जेब में हर महीने तय रकम आती रहे, तो वही बुढ़ापा सुकून भरा हो जाता है। आज के समय में नौकरी के साथ-साथ रिटायरमेंट की प्लानिंग करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि मजबूरी बन चुका है। आज हर दूसरा व्यक्ति चाहता है कि रिटायरमेंट के बाद कम से कम 1 लाख रुपये महीना हाथ में आए। अब सवाल ये है कि इसके लिए कितना पैसा जमा करना होगा और कैसे?