संगरूर जिले के भिंडरा गांव में बुधवार को एक कार्यक्रम में पहुंचीं स्थानीय विधायक नरिंदर कौर भारज को ग्रामीणों और किसानों के सवालों का सामना करना पड़ा। गेहूं की खरीद न होने पर सवाल पूछने के बाद पुलिस ने 5 महिलाओं सहित 16 किसानों को हिरासत में ले लिया और उन्हें संगरूर के सिटी थाने में बंद कर दिया। विधायक भारज गांव के स्कूल में नए कंप्यूटरों का उद्घाटन करने पहुंची थीं। गौरतलब है कि भिंडरा गांव की पंचायत ने हाल ही में एक प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव में कहा गया था कि जब तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और समाना में चल रहे संघर्ष का समाधान नहीं हो जाता, तब तक कोई भी राजनीतिक नेता गांव में प्रवेश न करें। विधायक का गांव में आना इस प्रस्ताव का उल्लंघन था। फसल की बोली न लगने को लेकर शुरू हुई बहस विधायक को देखकर गांव वालों ने सवाल पूछने शुरू कर दिए और अपना विरोध जताया। इस बीच, गांव की अनाज मंडी में अपनी फसल लेकर बैठे किसानों को जब विधायक के गांव में आने की सूचना मिली, तो वे भी मौके पर पहुंच गए। किसानों ने विधायक से अपनी फसल की बोली न लगने को लेकर सवाल-जवाब किए, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप किया और 16 किसानों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए किसानों में कश्मीर सिंह, गुरचरण सिंह, मंजीत सिंह (पूर्व सरपंच), मेघ सिंह, मेजर सिंह, महिंदर सिंह, जगदेव सिंह, हरबंस सिंह, सुरजीत सिंह, अजैब सिंह, जरनैल कौर, मंजीत कौर, हरबंस कौर, करमजीत कौर, परमजीत कौर और बलजीत सिंह शामिल हैं। किसानों को तत्काल रिहा करने की मांग किसानों को हिरासत में लिए जाने की खबर मिलने पर विभिन्न किसान यूनियनों ने संगरूर के सिटी थाने के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने हिरासत में लिए गए किसानों को तत्काल रिहा करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस नेताओं का भी समर्थन मिला। कांग्रेस नेता हरपाल सोनू, रोकी बंसल, मनी कथूरिया और नवीन कुमार बग्गा ने आम आदमी पार्टी की विधायक नरिंदर कौर भारज पर किसानों को खुलेआम परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी “धक्केशाही” बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
