Income Tax: आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आइटीआर-1 फॉर्म में अहम बदलाव किए हैं। अब दो मकानों से होने वाली किराए की आय आइटीआर-1 में दिखाई जा सकती है। यानी जिन लोगों के दो घर हैं और रूम रेंट से आमदनी होती है, उन्हें अब आइटीआर-2 भरने की जरूरत नहीं होगी। यह उन लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत हैं, जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद निवेश के तौर पर दूसरा घर खरीदा है और उससे किराया कमा रहे हैं। हालांकि, इसके लिए टैक्सपेयर की कुल सालाना कमाई 50 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पुराने नियमों में यदि किसी करदाता के पास दो घर हैं और दोनों से किराया आ रहा है, तो वह आईटीआर-1 नहीं भर सकता था।
