जयपुर। ‘माटी से जन्म, माटी में विलय… यही प्रकृति का शाश्वत नियम है।’ गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ ही घर-घर में बप्पा के स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं। बप्पा को घर लाने के लिए इस बार बाजार जाने की जरूरत नहीं… थोड़ी सी मिट्टी, हाथों की कला और मन में श्रद्धा हो तो आप खुद अपने घर में श्रीगणेश को आकार दे सकते हैं।