भरतपुर, डीग, अलवर, धौलपुर और दौसा सहित पूर्वी राजस्थान के जिलों में गोवंश में लम्पी स्किन डिजीज (लम्पी चर्म रोग) के मामले सामने आए हैं। संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए राजस्थान गो सेवा आयोग ने प्रदेशभर के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों और गोशाला संचालकों को इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। लम्पी रोग के लक्षण गो सेवा आयोग की सचिव डॉ. अनिता अग्रवाल के अनुसार, यह एक विषाणुजनित संक्रामक बीमारी है जो गर्म और नमी वाले मौसम में मच्छर, मक्खी, चीचड़, दूषित पानी व चारे के जरिए तेजी से फैलती है। ऐसे करें बचाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि लम्पी एक वायरस जनित बीमारी है, जिसका कोई सटीक इलाज नहीं है। ऐसे में पशुपालकों द्वारा बरती गई थोड़ी सी सावधानी और बचाव के उपाय ही गोवंश की सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी हैं।