सड़क हादसे में घायल BSF जवान मुकेश राठौड़ का 8 दिन चले इलाज के बाद निधन हो गया। उनकी बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई थी। हादसे में वे गंभीर घायल थे और उनका जोधपुर में इलाज चल रहा था। उनकी पार्थिव देह आज जैसलमेर के उनके पैतृक गांव नग्गा पहुंची थी। यहां 2 किमी लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसमें गांव के लोग उमड़ पड़े। भारत माता की जय और मुकेश अमर रहे के नारे भी लगाए। आगे उनकी पार्थिव देह और पीछे पूरा गांव पैदल चलता रहा। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई, उन्हें पिता ने मुखाग्नि दी। परिजनों के अनुसार, पिछले साल ही उनकी शादी हुई थी। उनकी पत्नी भी गर्भवती हैं। अब पढ़िए जवान के साथ हुए हादसे की पूरी कहानी 2022 में जॉइन की थी BSF जानकारी के अनुसार, मुकेश की 2025 नवम्बर में ही शादी हुई थी। उनकी शादी को 7 महीने ही हुए थे और उनकी पत्नी गर्भवती भी थीं। उनकी मां मूली देवी बहुत पहले ही निधन हो गया था। मुकेश के पिता भजनाराम ने ही खेती-किसानी करते हुए मुकेश को पाला और 2022 में उनका BSF में चयन हुआ था। मुकेश जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए विधायक छोटू सिंह भाटी, पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव, महंत बाल भारती और पूर्व प्रधान मूलाराम चौधरी मौजूद रहे।
